एन. रघुरामन का कॉलम: खुद को अनदेखा महसूस करते बच्चे की मदद करें और परिणाम देखें

एन. रघुरामन का कॉलम:  खुद को अनदेखा महसूस करते बच्चे की मदद करें और परिणाम देखें

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Help A Child Who Feels Neglected And See The Results 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु 69 साल की हेलेन स्कूल क्रॉसिंग गार्ड के तौर पर पार्ट-टाइम काम करती थीं। वे सुबह 7.45 से दोपहर 3 बजे के बीच ट्रैफिक रोककर बच्चों को सुरक्षित सड़क पार … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: क्या आपने सम्मानजनक तरीके से कपड़े पहने हैं?

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या आपने सम्मानजनक तरीके से कपड़े पहने हैं?

3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु इस हफ्ते दुनिया भर में लाखों लोग अपने रिश्तेदारों के साथ ‘थैंक्सगिविंग डे’ मनाने गए, जो इस गुरुवार को था। सिर्फ अमेरिका में ही 3 करोड़ से ज्यादा लोगों ने फ्लाइट्स पकड़ीं। उनमें से एक अमेरिका के परिवहन मंत्री सीन डफी भी थे। इसी हफ्ते डफी … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: जीवन में आप जो देते हैं , वही वापस पाते हैं

एन. रघुरामन का कॉलम:  जीवन में आप जो देते हैं , वही वापस पाते हैं

3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु वर्ष 1980 के शुरुआती दिनों की बात है। वे बॉम्बे (अब मुंबई) के जुहू में स्थित होटल हॉलिडे-इन में एक पतले और झुके सिर वाले युवक का हाथ थामे हुए दाखिल हुए। उस दौर में यह सेलेब्रिटीज के लिए सबसे मशहूर होटल था। जैसे ही सिक्योरिटी … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: पेशेवर जीवन के इतर अपनी पहचान बनाएं

एन. रघुरामन का कॉलम:  पेशेवर जीवन के इतर अपनी पहचान बनाएं

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Make Your Mark Beyond Your Professional Life 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु जीवनकाल बढ़ने के साथ कई लोगों का करियर भी लंबा हो रहा है। मुम्बई में हुए एक जॉब फेयर में 5500 से अधिक वरिष्ठ लोगों की मौजूदगी से मुझे यह बात समझ आई, … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: हमारी प्रतिभाएं अभी भी शहरों में क्यों फंसी रह जाती हैं?

एन. रघुरामन का कॉलम:  हमारी प्रतिभाएं अभी भी शहरों में क्यों फंसी रह जाती हैं?

3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु वह 1975 का साल था। नागपुर से आई एक ट्रेन से उतरकर विक्टोरिया टर्मिनस (अब छत्रपति शिवाजी टर्मिनस) के बाहर कदम रखते ही मैं कुछ मिनटों तक उसकी भव्य इमारत को निहारता रहा। तभी मेरे अंकल ने मेरे कंधे पर हाथ रखा और कुछ दूरी पर … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: बच्चों को सिर्फ ‘ना’ मत कहिए, इसके कारण भी बताइए

एन. रघुरामन का कॉलम:  बच्चों को सिर्फ ‘ना’ मत कहिए, इसके कारण भी बताइए

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Don’t Just Say ‘no’ To Your Children, Explain Why. 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु हाल ही में मुझे इस अखबार के एक पाठक का पत्र मिला, जिसमें मुझ पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया गया। पत्र में आरोप को लेकर विस्तार से तर्क … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: क्यों ड्राइवरों को परिजनों की तरह ट्रीट करना चाहिए?

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्यों ड्राइवरों को परिजनों की तरह ट्रीट करना चाहिए?

3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु सेटअप : कल्पना कीजिए कि आप पत्नी के साथ थिएटर में बैठे हैं। फिल्म की शुरुआत में कैमरा एक फर्स्ट-पर्सन परिप्रेक्ष्य की फिल्म दिखा रहा है, यानी कैमरे को हर दर्शक की आंख की जगह पर रखा गया है। आंख में आगे की सपाट सड़क और … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: एक बेहतर क्रिएटर हमेशा एक अच्छे रीडर के तौर पर शुरुआत करता है

एन. रघुरामन का कॉलम:  एक बेहतर क्रिएटर हमेशा एक अच्छे रीडर के तौर पर शुरुआत करता है

3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु मैं खिड़की में बैठे उस छोटे-से लड़के को कैसे भूल सकता हूं, जो एक हाथ में कॉमिक बुक कस कर पकड़े था और दूसरे हाथ से अपने बाल संवार रहा था, ताकि तेज हवा में वो बिखर ना जाएं। उसकी आंखों में गर्व था कि उसके … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: क्या शैक्षणिक ग्रेडिंग की मौजूदा प्रणाली विफल हो रही है?

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या शैक्षणिक ग्रेडिंग की मौजूदा प्रणाली विफल हो रही है?

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Is The Current System Of Academic Grading Failing? 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु एक कंपनी प्रबंधन ने अक्टूबर में जॉइन करने वाले 5 कर्मचारियों की वेतनवृद्धि के लिए बजट आवंटित किया। प्रबंधक को प्रस्ताव रखना चाहिए था कि टीम सदस्यों को परफॉर्मेंस रेटिंग्स और बजट … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: यदि एआई नहीं तो एक ‘पावर यूजर’ आपको रिप्लेस कर सकता है

एन. रघुरामन का कॉलम:  यदि एआई नहीं तो एक ‘पावर यूजर’ आपको रिप्लेस कर सकता है

3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु पिछले चार महीनों से सी. रमेश के बॉस अकसर उनके हाफ केबिन के पीछे खड़े हो जाते थे। उनकी नजर रमेश के कम्प्यूटर पर रहती और कई मिनटों तक किनारे पर खड़े होकर उनसे कुछ चर्चा करते। सभी सोचते कि ‘बॉस ऐसे गैर-योगदानकर्ता कर्मचारी के पीछे … Read more