एन. रघुरामन का कॉलम: आइसक्रीम या योगर्ट, इस गर्मी के लिए क्या बेहतर है?

एन. रघुरामन का कॉलम:  आइसक्रीम या योगर्ट, इस गर्मी के लिए क्या बेहतर है?

लगभग पूरा देश हीटवेव की चपेट में है। पश्चिम राजस्थान के फलोदी में तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है, वहीं मध्य भारत के भोपाल में भी गुरुवार को तापमान 43 डिग्री से अधिक रहा। ऐसे में स्वा​भाविक है कि हम किसी ठंडी चीज की ओर भागते हैं- जैसे आइसक्रीम और योगर्ट। लेकिन … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: ‘प्लेटफॉर्म इकोनॉमी’ हमारे रोजगार मॉडल को बदल रही है

एन. रघुरामन का कॉलम:  ‘प्लेटफॉर्म इकोनॉमी’ हमारे रोजगार मॉडल को बदल रही है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column – The ‘Platform Economy’ Is Transforming Our Employment Model 9 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु चीन के झेजियांग प्रांत के वेनझोउ में रहने वाले लेन लू की नई शादी हुई थी और वे कुछ अतिरिक्त कमाई तलाश रहे थे। तभी उन्हें ‘शियानयू’ (चीनी भाषा में अनुपयोगी … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: केवल बचत से आप अमीर नहीं बनेंगे…

एन. रघुरामन का कॉलम:  केवल बचत से आप अमीर नहीं बनेंगे…

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column – You Won’t Become Rich Solely Through Savings… 9 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु अक्सर हम सोचते हैं कि पैसा बचाना ही अमीरी का रास्ता है, लेकिन हकीकत अलग है। हाल ही में मेरी नजर ब्रिटेन के एक बैंकर टिम टॉबमैन की वेबसाइट ‘thecrazyplan.com’ पर पड़ी। … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: ‘कोविड-दयालुता’ की भावना को फिर से जगाने की जरूरत है

एन. रघुरामन का कॉलम:  ‘कोविड-दयालुता’ की भावना को फिर से जगाने की जरूरत है

1960 के दशक के उत्तरार्ध में एक दिन मैंने नागपुर के सीताबर्डी की मुख्य सड़क पर स्थित ‘विश्रांति गृह’ नामक रेस्तरां के बाहर अपनी साइकिल खड़ी की, ताकि वहां बैठी दंतविहीन वृद्धा से कुछ गजरे खरीद सकूं। जैसे ही वे उन्हें पैक करने लगीं, रेस्तरां के भीतर से एक वेटर बाहर आया और उन्हें पत्ते … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: प्रकृति से जुड़ने पर हमारा खुद से संबंध बेहतर होता है

एन. रघुरामन का कॉलम:  प्रकृति से जुड़ने पर हमारा खुद से संबंध बेहतर होता है

“यह मेरा बेटा है, और मैं इसे आपकी देखरेख में छोड़ रही हूं, इसका ख्याल रखिएगा।’ मेरी मां इसी तरह से मेरा, हमारे बचपन के घर के बाहर खड़े उस बड़े-से गूलर के पेड़ से परिचय कराती थीं। वे मुझे उसकी दो मजबूत शाखाओं से बंधे साड़ी के एक झूले में लिटाया करती थीं। पेड़ … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: हमारे जीवन के छोटे-छोटे आश्चर्यों को हल्के में न लें

एन. रघुरामन का कॉलम:  हमारे जीवन के छोटे-छोटे आश्चर्यों को हल्के में न लें

यदि मैं आपसे पूछूं कि आपके जीवन में किन-किन चीजों की कमी है, तो आपकी सूची कितनी लंबी होगी? मेरी तो बहुत लंबी है। सबसे पहले तो मुझे कावेरी नदी की कमी खलती है। 60 से 90 के दशक के बीच यह बारहों महीने बहने वाली नदी हुआ करती थी, लेकिन अब यह कभी-कभी सूख … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: पक्के इरादे का बीज आपको त्याग से सफलता तक ले जाता है

एन. रघुरामन का कॉलम:  पक्के इरादे का बीज आपको त्याग से सफलता तक ले जाता है

सफलता उन्हीं को मिलती है, जो समाज के तानों, शारीरिक सीमाओं या अनजान चीजों के डर से नहीं डिगते। यहां दो उदाहरण पेश हैं। 1. ईश्वर ने हर प्रजाति की मां को शक्ति दी है कि वह अपनी भूख पर काबू करके बच्चों को खिला सके। इंसान इसमें सबसे आगे हैं। चाहे वे बहुत भूखे … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: दूसरे की बर्बादी से हासिल की गई सम्पत्ति एक खोखली जीत की तरह है

एन. रघुरामन का कॉलम:  दूसरे की बर्बादी से हासिल की गई सम्पत्ति एक खोखली जीत की तरह है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Wealth Acquired At The Expense Of Others Is A Hollow Victory 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु एक बार एक व्यक्ति ने एक गोरैया को पकड़ लिया। गोरैया ने उससे जीवन की भीख मांगी और कहा कि बदले में वह उसे तीन ऐसी सीख देगी, जो … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं

एन. रघुरामन का कॉलम:  छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं

मेरी भी कुछ छोटी लतें हैं। एक है ‘रिटर स्पोर्ट हेजलनट चॉकलेट’। यकीन मानिए कि 100 ग्राम के इस पैक को मैं हर लंच और डिनर के बाद चार हिस्सों में बांटकर महज दो दिनों में चट कर सकता हूं। हर विदेश यात्रा पर मैं पर्याप्त मात्रा में ये लेता हूं। बाहर से आने वाला … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: समाज की व्यापक भलाई के लिए एआई का अधिकतम इस्तेमाल करें

एन. रघुरामन का कॉलम:  समाज की व्यापक भलाई के लिए एआई का अधिकतम इस्तेमाल करें

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Maximize The Use Of AI For The Greater Good Of Society 6 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में मदारीहाट-नागराकाटा सेक्शन के बीच करीब 52 किलोमीटर में फैली एक जगह है– बिन्नागुड़ी। यह इलाका हाथियों की सघन आबादी के लिए जाना जाता … Read more