एन. रघुरामन का कॉलम: अविश्वास भरे आधुनिक दौर में क्यों कुछ पुरानी आदतें प्रासंगिक हैं?

एन. रघुरामन का कॉलम:  अविश्वास भरे आधुनिक दौर में क्यों कुछ पुरानी आदतें प्रासंगिक हैं?

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Why Are Some Old Habits Relevant In Modern Times Of Distrust? 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु आज जब हम फाइलिंग के बारे में सोचते हैं तो दिमाग में डिजिटल फाइल्स और फोल्डर्स ही आते हैं। सोचिए, पहले लोग कैसे रसीदों, बिलों और पत्रों को संभालकर … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: ऐसी पीढ़ी बनाएं जिसे पता हो कि समस्या तो आएगी ही

एन. रघुरामन का कॉलम:  ऐसी पीढ़ी बनाएं जिसे पता हो कि समस्या तो आएगी ही

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Raising A Generation That Knows Problems Will Come 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु अमा डबलम (ऊंचाई 6,812 मीटर), नेपाल की सबसे तकनीकी हिमालयी चोटियों में से एक है। इसे अक्सर ‘हिमालय का मैटरहॉर्न’ भी कहते हैं। इसे अपनी खूबसूरती के साथ खड़ी चढ़ाइयों, बर्फीली दीवारों … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: क्या हमारे बच्चे जानते हैं कि खाने की किल्लत के क्या मायने हैं?

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्या हमारे बच्चे जानते हैं कि खाने की किल्लत के क्या मायने हैं?

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Do Our Children Know What Food Scarcity Means? 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु क्या आपने “वॉर सैंडविच’ के बारे में सुना है? अगर नहीं, तो उस क्लास में आपका स्वागत है, जिसे दुनिया के बीस लाख से ज्यादा छात्र अटेंड करते हैं। वह अपनी कुकिंग … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: जिंदगी के खाली पन्ने को भरने के लिए ‘मास्टर प्लान’ की जरूरत नहीं है

एन. रघुरामन का कॉलम:  जिंदगी के खाली पन्ने को भरने के लिए ‘मास्टर प्लान’ की जरूरत नहीं है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: No Need For A ‘master Plan’ To Fill Life’s Blank Pages 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु वो नवरात्र मेला था। पानी-पूरी के स्टॉल पर सबसे ज्यादा भीड़ थी, उसके बाद घर के बने अचार और बेडशीट-पिलो केसेज की स्टॉल पर। लेकिन उस एक स्टॉल पर … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: अभी आपकी फ्यूचर मशीनें ‘फिजिकल एजुकेशन’ ले रही हैं

एन. रघुरामन का कॉलम:  अभी आपकी फ्यूचर मशीनें ‘फिजिकल एजुकेशन’ ले रही हैं

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Your Future Machines Are Currently Receiving ‘physical Education’ 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु अपने बच्चों को स्कूल जाने से पहले कमरा साफ रखने के लिए डांटते थे। आज से पांच साल बाद नए पैरेंट्स को शायद रोजमर्रा के काम सिखाने के लिए बच्चों से सिर … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: महिलाओं के पास मानसिक दृढ़ता बढ़ाने के अपने तरीके होते हैं

एन. रघुरामन का कॉलम:  महिलाओं के पास मानसिक दृढ़ता बढ़ाने के अपने तरीके होते हैं

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Women Have Their Own Ways Of Building Mental Toughness 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु वे आर्थिक तंगी के दिन थे, जैसे किसी भी मध्यमवर्गीय परिवार के होते हैं। जब पैसे नहीं होते, तो पिता परेशान हो जाते थे, लेकिन मां नहीं। उन चिंता भरे दिनों … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: जेनज़ी इमरजेंसी नहीं संभालते, इसमें गलती किसकी?

एन. रघुरामन का कॉलम:  जेनज़ी इमरजेंसी नहीं संभालते, इसमें गलती किसकी?

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Whose Fault Is It That Genzi Doesn’t Handle The Emergency? 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु मुंबई, 22 मई 1991 को थम गई थी। सड़कें सुनसान थीं और शोरगुल वाले शहर में चिड़ियों की चहक सुनाई दे रही थी। घर पर 15 दिन पहले ही बीएसएनएल … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: कुछ खास है हरेक की जिंदगी में

एन. रघुरामन का कॉलम:  कुछ खास है हरेक की जिंदगी में

2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु जब उन्होंने किसी मेहमान से कहा कि “हमने अभी-अभी कॉफी पी है’, तो मैं उनसे असहमत नहीं हो सकता था, क्योंकि यह झूठ बोलते हुए भी उनकी नजरें मेरी आंखों पर ही थीं! मैं बस यही सोच पाता था कि जब दूध ही नहीं है तो … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: स्वच्छ पानी भी अब फाइन डाइनिंग अनुभव का हिस्सा बन चुका है

एन. रघुरामन का कॉलम:  स्वच्छ पानी भी अब फाइन डाइनिंग अनुभव का हिस्सा बन चुका है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Clean Water Is Now Part Of The Fine Dining Experience 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु जब भी आप किसी अच्छे होटल में जाते हैं तो वे आम तौर पर आपको दो मेनू कार्ड देते हैं- एक भोजन और दूसरा लिकर के लिए। जो दूसरा मेनू … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: गांवों में पटाखे तरह-तरह की मिट्टी की खुशबू लेकर आते हैं!

एन. रघुरामन का कॉलम:  गांवों में पटाखे तरह-तरह की मिट्टी की खुशबू लेकर आते हैं!

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column Firecrackers In Villages Bring A Variety Of Earthy Fragrances! 2 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु इस महीने की शुरुआत में जब मैं अपने पैतृक गांव में पारिवारिक पूजा-अर्चना के लिए गया था, तो मैंने देखा कि गांव सीधे-सीधे दो हिस्सों में बंटा हुआ था। 1,200 से … Read more