एन. रघुरामन का कॉलम: रविवार एक अर्जित स्वतंत्रता का दिन हो सकता है- यदि उसका कुछ हिस्सा भविष्य की योजना बनाने में लगाया जाए।

एन. रघुरामन का कॉलम:  रविवार एक अर्जित स्वतंत्रता का दिन हो सकता है- यदि उसका कुछ हिस्सा भविष्य की योजना बनाने में लगाया जाए।

यदि आप यह मानते रहे हैं कि दो दिन का सप्ताहांत या रविवार की छुट्टी आपके हक का पर्सनल टाइम है, तो आपको यह भी जानना चाहिए कि यह कॉन्सेप्ट कैसे और किस उद्देश्य से शुरू हुआ था। आप यह तो मानेंगे कि किसी अच्छी पहल की शुरुआत अपने घर से करना सार्थक बदलाव लाने … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: देना ही पाना भी है: वॉलंटियरिंग आपको दूसरों से कहीं अधिक मदद करती है

एन. रघुरामन का कॉलम:  देना ही पाना भी है: वॉलंटियरिंग आपको दूसरों से कहीं अधिक मदद करती है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column — Giving Is Also Receiving: Volunteering Helps You Far More Than It Helps Others 8 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु लक्ष्मी रोज पति के ऑफिस और बच्चों के स्कूल जाने के बाद 3 घंटे की वॉलंटियरिंग के लिए घर से निकल जाती हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी की … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: काम को लेकर पसंद–नापसंद को फिर से तय करने का समय आ गया है

एन. रघुरामन का कॉलम:  काम को लेकर पसंद–नापसंद को फिर से तय करने का समय आ गया है

दुनिया में बेहतर अवसर तलाश रहे ज्यादातर लोगों के लिए विदेशों में रहना और वहां काम करना लोकप्रिय फंतासी रहा है। आप भी अगर अमेरिका जैसे देश में काम करने का सपना देख रहे हैं तो ऐसे आप अकेले नहीं हैं। अमेरिकी कामकाजी जीवन की ‘रिस्क-रिवार्ड’ प्रकृति दुनियाभर के लोगों को आकर्षित करती है। लेकिन … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: मॉर्निंग वॉक को प्रेरणा पाने की जगह बनाएं

एन. रघुरामन का कॉलम:  मॉर्निंग वॉक को प्रेरणा पाने की जगह बनाएं

यदि आप हैदराबाद के कोंडापुर में हाईटेक सिटी के पास गाचीबौली रोड पर चल रहे हैं तो दाईं ओर आपको ‘कोटला विजय भास्कर रेड्डी बॉटनिकल गार्डन’ दिखेगा। मेरे और आपके जैसे बाहरी लोगों को यह अपने शहर के किसी खूबसूरत गार्डन जैसा ही लगता है, जहां लोग मॉर्निंग वॉक के लिए आते हैं। लेकिन उन … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: क्यों शिक्षा किसी भी करियर की ‘सबसे अहम बीज’ है?

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्यों शिक्षा किसी भी करियर की ‘सबसे अहम बीज’ है?

नागेश एक स्थानीय कॉलेज में लेक्चरर थे। उन्हें खुशी थी कि अपने खेतीबाड़ी के पारिवारिक पेशे की तुलना में उन्हें यहां विद्यार्थियों से खूब सम्मान मिलता था। उनका परिवार पूरी तरह खेती पर निर्भर था और परिजनों को भरोसा था कि उनकी एक एकड़ जमीन हमेशा परिवार का पेट भरती रहेगी। इसी पारिवारिक दबाव के … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: कभी-कभी, शांत लोग सबसे गहरा प्रभाव छोड़ जाते हैं

एन. रघुरामन का कॉलम:  कभी-कभी, शांत लोग सबसे गहरा प्रभाव छोड़ जाते हैं

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column — Sometimes, Quiet People Leave The Deepest Impact 8 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु वे 70 वर्ष के रहे होंगे। उस दिन वे एक साधारण-से कैफे में आए। बहुत से लोग उस जगह को इसलिए पसंद करते थे क्योंकि वह एक V आकार में स्थित थी, … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: हेल्थकेयर इंडस्ट्री में रुचि है तो डिजिटाइजेशन पर फोकस रखें

एन. रघुरामन का कॉलम:  हेल्थकेयर इंडस्ट्री में रुचि है तो डिजिटाइजेशन पर फोकस रखें

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: If You Are Interested In The Healthcare Industry, Focus On Digitization 8 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु अगर आप कभी शनिवार को हेल्थ चेकअप के लिए गए होंगे, तो गौर किया होगा कि ये अस्पतालों में सर्वाधिक भीड़ वाला दिन होता है और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: हमारे बच्चे ‘टेक नेक’ या ‘कॉस्मेटिकोरिक्सिया’ से तो नहीं जूझ रहे?

एन. रघुरामन का कॉलम:  हमारे बच्चे ‘टेक नेक’ या ‘कॉस्मेटिकोरिक्सिया’ से तो नहीं जूझ रहे?

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Are Our Children Grappling With ‘Tech Neck’ Or ‘Cosmeticorexia’? 8 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु कई वर्षों पहले पत्नी ने मेरी बेटी से कहा कि ‘तुम अपनी उम्र से ज्यादा बड़ी लग रही हो।’ बस, इस पर तो मेरे घर में तूफान आ गया। उन्होंने ऐसा … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: विद्यार्थी अपना करिअर एआई-प्रूफ बनाने के तरीके खोज रहे हैं

एन. रघुरामन का कॉलम:  विद्यार्थी अपना करिअर एआई-प्रूफ बनाने के तरीके खोज रहे हैं

वह इंश्योरेंस में करिअर बनाने की सोच रहा था, जहां उसने कभी दो महीने की इंटर्नशिप भी की थी। लेकिन इस गर्मी से पहले 22 साल के उस युवक ने अचानक इरादा बदल दिया और अब फुल-टाइम इलेक्ट्रिशियन बन रहा है। उसने इस गर्मी में मेट्रो सिटी में शिफ्ट होने का फैसला कर लिया और … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: एआई दादा-दादियों के लिए भी उतना ही जरूरी है, जितना बच्चों के लिए

एन. रघुरामन का कॉलम:  एआई दादा-दादियों के लिए भी उतना ही जरूरी है, जितना बच्चों के लिए

“बहुत हुआ राहुल, टेक्नोलॉजी में लोगों की मदद करने के बहाने तुम अपनी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे रहे हो, बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक हैं।’ राहुल ने तो अपनी मां की इस सख्त चेतावनी पर ध्यान तक नहीं दिया था, लेकिन उस आवाज में मौजूद तिरस्कार का स्वर इतना तीखा था कि वो किसी और … Read more