एन. रघुरामन का कॉलम: काम को लेकर पसंद–नापसंद को फिर से तय करने का समय आ गया है

एन. रघुरामन का कॉलम:  काम को लेकर पसंद–नापसंद को फिर से तय करने का समय आ गया है

दुनिया में बेहतर अवसर तलाश रहे ज्यादातर लोगों के लिए विदेशों में रहना और वहां काम करना लोकप्रिय फंतासी रहा है। आप भी अगर अमेरिका जैसे देश में काम करने का सपना देख रहे हैं तो ऐसे आप अकेले नहीं हैं। अमेरिकी कामकाजी जीवन की ‘रिस्क-रिवार्ड’ प्रकृति दुनियाभर के लोगों को आकर्षित करती है। लेकिन … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: क्यों शिक्षा किसी भी करियर की ‘सबसे अहम बीज’ है?

एन. रघुरामन का कॉलम:  क्यों शिक्षा किसी भी करियर की ‘सबसे अहम बीज’ है?

नागेश एक स्थानीय कॉलेज में लेक्चरर थे। उन्हें खुशी थी कि अपने खेतीबाड़ी के पारिवारिक पेशे की तुलना में उन्हें यहां विद्यार्थियों से खूब सम्मान मिलता था। उनका परिवार पूरी तरह खेती पर निर्भर था और परिजनों को भरोसा था कि उनकी एक एकड़ जमीन हमेशा परिवार का पेट भरती रहेगी। इसी पारिवारिक दबाव के … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: विद्यार्थी अपना करिअर एआई-प्रूफ बनाने के तरीके खोज रहे हैं

एन. रघुरामन का कॉलम:  विद्यार्थी अपना करिअर एआई-प्रूफ बनाने के तरीके खोज रहे हैं

वह इंश्योरेंस में करिअर बनाने की सोच रहा था, जहां उसने कभी दो महीने की इंटर्नशिप भी की थी। लेकिन इस गर्मी से पहले 22 साल के उस युवक ने अचानक इरादा बदल दिया और अब फुल-टाइम इलेक्ट्रिशियन बन रहा है। उसने इस गर्मी में मेट्रो सिटी में शिफ्ट होने का फैसला कर लिया और … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: कुछ एआई-प्रूफ कॅरिअर हैं- क्या आपका काम भी इस सूची में शामिल है?

एन. रघुरामन का कॉलम:  कुछ एआई-प्रूफ कॅरिअर हैं- क्या आपका काम भी इस सूची में शामिल है?

अगर आप सोमवार की सुबह ऑफिस में प्रवेश कर रहे हैं और अपना साप्ताहिक कामकाज शुरू करने के लिए कंप्यूटर ऑन करने वाले हैं तो आपको चेतावनी दे दूं कि एआई आपकी नौकरी के पीछे पड़ा है। यह मैं नहीं कह रहा, बल्कि माइक्रोसॉफ्ट में एआई हेड मुस्तफा सुलेमान मानते हैं कि अगले 12 से … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: ईमानदारी ऐसी मुद्रा है, जिसका मूल्य कभी नहीं घटता

एन. रघुरामन का कॉलम:  ईमानदारी ऐसी मुद्रा है, जिसका मूल्य कभी नहीं घटता

जून 2019 में वह उस कंपनी में बिजनेस डेवलपमेंट एसोसिएट के रूप में जुड़ा। कॉलेज से निकलते ही वह सीधे ऐसी कंपनी में गया, जिसे हमारे देश के बच्चों वाले कई परिवार जानते हैं। सेल्स का काम आसान था। बैकएंड टीम बताती थी कि किसके यहां विजिट करनी है। जिसके पास भी कंपनी का एप … Read more