एन. रघुरामन का कॉलम: जब प्रतिस्पर्धी आपको हरा दे तो उससे हाथ मिलाना ‘अक्लमंदी’ है
‘सर, मेरे पास एयरपोर्ट परिसर की कुछ दुकानें लीज पर हैं। एयरपोर्ट के इस अत्याधुनिक ट्रैवलर्स सीटिंग एरिया में लेदर प्रोडक्ट्स का एक भी एग्जीबिटर नहीं है। क्या आप मुझे अपने किसी लेदर मैन्युफैक्चरर दोस्त से मिलवा सकते हैं, ताकि मैं उनसे हाथ मिलाकर एयरपोर्ट पर ऐसा आउटलेट शुरू कर सकूं?’ मित्र सुधांशु की फोन … Read more