एन. रघुरामन का कॉलम: जब लोहा गर्म है तो मार दो हथौड़ा

एन. रघुरामन का कॉलम:  जब लोहा गर्म है तो मार दो हथौड़ा

एक पुरानी मोरल स्टोरी याद करें, जिसमें कई प्रशिक्षित मैकेनिकों के विफल होने के बाद एक बड़ी-सी मशीन ठीक करने के लिए साधारण-से आदमी को बुलाया जाता है। लगभग एक घंटे तक मशीन की जांच-परख करने के बाद वह एक जगह पर एक बार हथौड़ा मारता है और मशीन चल पड़ती है। वह मशीन चालू … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: जब प्रतिस्पर्धी आपको हरा दे तो उससे हाथ मिलाना ‘अक्लमंदी’ है

एन. रघुरामन का कॉलम:  जब प्रतिस्पर्धी आपको हरा दे तो उससे हाथ मिलाना ‘अक्लमंदी’ है

‘सर, मेरे पास एयरपोर्ट परिसर की कुछ दुकानें लीज पर हैं। एयरपोर्ट के इस अत्याधुनिक ट्रैवलर्स सीटिंग एरिया में लेदर प्रोडक्ट्स का एक भी एग्जीबिटर नहीं है। क्या आप मुझे अपने किसी लेदर मैन्युफैक्चरर दोस्त से मिलवा सकते हैं, ताकि मैं उनसे हाथ मिलाकर एयरपोर्ट पर ऐसा आउटलेट शुरू कर सकूं?’ मित्र सुधांशु की फोन … Read more