पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रकृति को छेड़ेंगे तो वह अपना विपरीत ही आपको सौंपेगी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  प्रकृति को छेड़ेंगे तो वह अपना विपरीत ही आपको सौंपेगी

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Natures Repercussions On Youth & Gender Identity 8 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता देर रात की पार्टियां अब महंगी पड़ रही हैं। इनमें नशे का खेल चल रहा है। मौज-मस्ती की आड़ में आनंद अनैतिक होता जा रहा है। नई पीढ़ी के बच्चे, जो रात … Read more

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: एकाग्रता साध लें तो कितना ही काम हो, थकेंगे नहीं

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  एकाग्रता साध लें तो कितना ही काम हो, थकेंगे नहीं

अगर आप नियमित पूजा करते हैं तो उसकी एक ऐसी ड्रिल बनाइए कि उसमें जो भी काम आप करें- चाहे माला जपें, भगवान को स्नान कराएं, किसी पुस्तक का पारायण करें, कोई भजन गाएं- जो भी करें रुककर करें, टिककर करें। उस समय न अतीत में जाएं, न भविष्य को सोचें। बहुत सारी पूजा ना … Read more

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: लोभ का एक ही इलाज है, संतोष की वृत्ति को बढ़ाएं

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  लोभ का एक ही इलाज है, संतोष की वृत्ति को बढ़ाएं

मनुष्य के छह शत्रुओं में एक लोभ भी है। इसका अर्थ है अतिरिक्त लालसा, अनुचित की मांग। यह धन, पद, वस्तु, शरीर- इन पर काम करता है। मोटे तौर पर लोभ और लालच एक ही हैं। छोटा-सा फर्क ये है कि लोभ, यानी जो आपके पास है, उसको और बढ़ाएं। और लालच, यानी जो दूसरों … Read more

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हनुमान जी बताते हैं जीवन में शोर व शून्य का संतुलन हो

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हनुमान जी बताते हैं जीवन में शोर व शून्य का संतुलन हो

हम कितनी सांस लेते हैं, कैसे लेते हैं, इसका हिसाब रखना बहुत जरूरी है। जो लोग शांति की तलाश में हैं, उन्हें सांस पर काम करना होगा। क्योंकि मनुष्य के जीवन में सोचने से नहीं, श्वास से चिंता भीतर जाती है। हनुमान जी पवन-पुत्र हैं। हम अपने प्राणों पर मंत्र के जितने प्रयोग करेंगे, उतने … Read more

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भगवंत की कृपा होती है तो जीवन में संत आते हैं

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  भगवंत की कृपा होती है तो जीवन में संत आते हैं

संत और भगवंत का तालमेल निराला है। एक के माध्यम से दूसरा मिल जाता है और दूसरे के माध्यम से पहला प्राप्त हो जाता है। भगवंत कृपा करते हैं तो जीवन में संत आते हैं और संत वो रास्ता बताते हैं कि हम भगवान तक पहुंच सकते हैं। रामकथा सुनकर पक्षीराज गरुड़ अभिभूत थे तो … Read more

पं. विजयशंकर मेहता कॉलम: सावधानी से अपने बच्चों को चरित्र की तरफ मोड़ें

पं. विजयशंकर मेहता कॉलम:  सावधानी से अपने बच्चों को चरित्र की तरफ मोड़ें

अब समय आ गया है कि हम इस बात पर जोर दें- खासतौर पर माता-पिता- कि इंसान की रचनात्मकता मशीनों से अहम रहे। क्योंकि जिस तेजी से मशीनें हमारे जीवन में उतरेंगी, हम लोगों की माता-पिता के रूप में तो उम्र बीत जाएगी, पर हमारे बच्चे न मशीन रह पाएंगे, न इंसान। उनका शिखंडी व्यक्तित्व … Read more

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बल को परमात्मा से जोड़ें तो ऊंचाइयों पर ले जाएगा

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  बल को परमात्मा से जोड़ें तो ऊंचाइयों पर ले जाएगा

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Connect Strength To Divine For Heights 6 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जब बल आक्रमण में काम आता है, तो उसे शक्ति कहते हैं। और जब सुरक्षा में काम आता है तो उसे सहनशक्ति कहते हैं। मनुष्य को ईश्वर ने तीन तरह के बल दिए … Read more

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: कथा सुनने से चुनौतियों से निपटने की शक्ति मिलती है

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  कथा सुनने से चुनौतियों से निपटने की शक्ति मिलती है

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Katha Gives Power To Face Challenges 6 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता इन दिनों कथाओं में बहुत भीड़ रहने लगी है। लेकिन सबसे बड़ा प्रभाव कथा का क्या होता है- ये बताया तुलसीदास जी ने उस वार्तालाप में, जो गरुड़ जी और काकभुशुंडि जी के … Read more

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपनी गति और गतिशीलता पर हमें जोर देना चाहिए

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अपनी गति और गतिशीलता पर हमें जोर देना चाहिए

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Focus On Speed & Dynamism In Life 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जीवन में कुछ निर्णय बिना गलती किए तुरंत लिए जाने चाहिए। विलम्ब कुछ मौकों पर बहुत घातक साबित हो सकता है। जैसे युद्ध में गलती और विलम्ब सीधे मौत है। कितना सोचें, … Read more