पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रकृति को छेड़ेंगे तो वह अपना विपरीत ही आपको सौंपेगी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  प्रकृति को छेड़ेंगे तो वह अपना विपरीत ही आपको सौंपेगी

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Natures Repercussions On Youth & Gender Identity 8 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता देर रात की पार्टियां अब महंगी पड़ रही हैं। इनमें नशे का खेल चल रहा है। मौज-मस्ती की आड़ में आनंद अनैतिक होता जा रहा है। नई पीढ़ी के बच्चे, जो रात … Read more

पं. विजयशंकर मेहता कॉलम: सावधानी से अपने बच्चों को चरित्र की तरफ मोड़ें

पं. विजयशंकर मेहता कॉलम:  सावधानी से अपने बच्चों को चरित्र की तरफ मोड़ें

अब समय आ गया है कि हम इस बात पर जोर दें- खासतौर पर माता-पिता- कि इंसान की रचनात्मकता मशीनों से अहम रहे। क्योंकि जिस तेजी से मशीनें हमारे जीवन में उतरेंगी, हम लोगों की माता-पिता के रूप में तो उम्र बीत जाएगी, पर हमारे बच्चे न मशीन रह पाएंगे, न इंसान। उनका शिखंडी व्यक्तित्व … Read more