एन. रघुरामन का कॉलम: बुजुर्गों के पैसे और सेहत को संभालना चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है
अपनी यात्राओं के दिनों में अकसर जब फोन पर बहन का नाम दिखता तो मैं घबरा जाता और दौड़ कर फोन उठाता था। क्योंकि मेरी यात्राओं के दौरान बहन ही मेरे बीमार पिताजी की देखभाल करती थीं। वो मुम्बई में ही रहती थीं और एक गृहिणी थीं। जब उनका कॉल आता तो वह ऐसी अनियंत्रित … Read more