एन. रघुरामन का कॉलम: कम से कम मदर्स डे पर तो मां के ‘निर्णय लेने के बोझ’ को कम कीजिए
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: At Least On Mother’s Day, Lighten Mom’s ‘Burden Of Decision Making’ 9 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु ‘बेटा, गुड़िया का बाथरूम इस्तेमाल मत करो। तुम उसे गंदा छोड़ देते हो और उसे यह अच्छा नहीं लगता,’ मां रसोई से आवाज लगाकर कहती हैं, फिर भी बेटा … Read more