मेघना पंत का कॉलम: जन्म देने वाली महिलाओं को कैसे देखें-​बिना उनसे नजरें फेरे?

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“कब प्रेग्नेंट होओगी तुम? एज का तो ध्यान है ना? करियर तो तुम्हारा ठीक ही चल रहा है, फिर फैमिली कब बनाओगी? इतनी पतली हो, बच्चा कैसे होगा?’ समाज को प्रेग्नेंसी पसंद है। या बेहतर हो अगर कहें, समाज को प्रेग्नेंसी से बढ़कर उसका आइडिया पसंद है- उसका अमूर्त स्वरूप, उसकी घोषणा, हार्ट इमोजी के … Read more

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: घर की तरह ऑफिस, कैम्पस, बाजार में भी खुली सोच रखें

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Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Open Mind At Office, Campus, Market 6 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता राज्य-व्यवस्था को सही दिशा और ऊंची गति देने के लिए अलग-अलग राजाओं ने खूब प्रयोग किए हैं। अगर हम केवल राम और कृष्ण की बात करें तो अयोध्या और द्वारका के प्रयोग हमें … Read more