शादी के पहले बहू किसी लड़के के संपर्क में थी। मुझे लगता है, वही उसे परेशान कर रहा होगा। बेटे ने तो मुझे कभी कुछ नहीं बताया। भगवान ही जाने, उन दोनों के मन में क्या था। यह बात मुठिया टोला चांदपुर के रहने वाले गणेश पटेल कहते हुए रो पड़ते हैं। 1 अप्रैल को बेटा-बहू घर में फांसी के फंदे पर लटके मिले थे। पिता बोले- रिश्तेदारी में दोनों की पहचान हुई। जिद की तो दोनों परिवारों ने शादी करा दी। मर्जी की शादी। घर में कोई परेशानी नहीं, फिर क्यों मौत को गले लगाया? यही सवाल मुझे रात-दिन परेशान करता है। जब भी सोचता हूं तो एक ही बात दिमाग में घूमती है कि शादी के पहले बहू जिस लड़के से संपर्क में थी, क्या वह परेशान कर रहा था। ये जांच का विषय है, पर ऐसा हो सकता है। शादी के ढाई साल बाद तक सबकुछ सामान्य था। फिर अचानक एक दिन दूल्हा-दुल्हन की तरह सजे। पॉपकॉर्न और शराब लाई। मोबाइल में “साथ जिएंगे, साथ मरेंगे” की रिंगटोन लगाई। इसके बाद दोनों ने फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। कपल के सुसाइड का कारण जानने दैनिक भास्कर की टीम गांव पहुंची। यहां पिता ने तीसरे युवक पर शक जताकर इसे और रहस्यमयी केस बना दिया। पढ़िए रिपोर्ट… पहले दो तस्वीरें देखिए… बहू ने दूध चावल दिए, बेटा सोने चला गया पड़ताल में सामने आया कि घटना वाले दिन सुबह राजेंद्र बाइक से चांदपुर समूह की किस्त भरने गया था। वहां से लौटकर खाना खाया। बहू काजल ने ससुर गणेश को खाने में दूध-चावल दिए। दोपहर के समय राजेंद्र दोबारा बाइक लेकर चांदपुर चला गया। कुछ समय बाद लौटा और कमरे में चला गया। पिता गणेश पटेल ने बताया कि बेटा राजेंद्र रोज दोपहर में दो घंटे आराम करता था, उस दिन भी वह सो रहा था। मैं और छोटा बेटा खेत में गेहूं की फसल इकट्ठा करने चले गए। शाम तक राजेंद्र नहीं आया तो मैंने छोटे बेटे को उसे बुलाने के लिए घर भेजा। बेटा कमरे में पहुंचा तो बिस्तर पर कोई नहीं दिखा। दूसरे कमरे में गया तो हैरान करने वाला दृश्य था। बाजार से खरीदकर लाया रस्सी और पॉपकॉर्न
पिता गणेश ने बताया कि सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे में जाकर देखा तो पॉपकॉर्न रखे थे। शराब की बोतल भी थी। इसके अलावा जिस रस्सी से उन्होंने फंदा लगाया, वह नई थी। पिता ने शंका जाहिर की कि राजेंद्र उसी दिन रस्सी, पॉपकॉर्न और शराब बाजार से लेकर आया होगा। पिता ने कहा कि मौत से पहले राजेंद्र ने अपने मोबाइल की रिंगटोन में भी साथ जिएंगे, साथ मरेंगे गाना लगाया था। तीन साल पहले रिश्तेदारी में मिले थे दोनों परिजनों ने बताया कि बंडा के पास एक गांव में रिश्तेदारी है। वहां पर बेटा राजेंद्र का आना-जाना था। करीब 3 साल पहले काजल और राजेंद्र की मुलाकात हुई। दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। इसी बीच दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया। घर में आकर बताया कि शादी करना है। बच्चों की जिद देखकर दोनों परिवारों ने बैठकर बात की और शादी करने पर सहमति दी। दोनों परिवारों ने मिलकर खुशी-खुशी दोनों की शादी कर दी। परिवार में कोई परेशानी नहीं थी और न ही मायके पक्ष से परेशानी थी। परिवार से अलग रहता था राजेंद्र राजेंद्र का मकान खेत में बना है, जिसमें दो पक्के और दो कच्चे कमरे हैं। राजेंद्र के परिवार में 6 सदस्य थे। पिता, दादी, छोटा भाई और बहू अलग पक्के मकान में रहते हैं। वहीं, राजेंद्र और काजल कच्चे मकान में रहते थे। दोनों घरों में अलग-अलग खाना भी बनता था। जमीन बेचकर बाइक दिलाई थी पिता ने बताया कि राजेंद्र को बाइक चाहिए थी। उसने बाइक लेने के लिए बोला, लेकिन पैसे नहीं थे। बच्चों की जरूरत पूरी करने के लिए मैंने जमीन बेची और बाइक खरीद कर दी। बाइक घर पर खड़ी रहती थी, जब जिसे जरूरत हो, वह उपयोग करता था। राजेंद्र को कोई कमी नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि बेटा और बहू ने आखिरी ऐसा क्यों किया, कुछ समझ नहीं आ रहा है। मुझे संदेह है कि दूसरे लड़के से परेशान होकर ही ऐसा किया होगा, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है। यह खबर भी पढ़ें
शादी के जोड़े में फांसी पर लटके मिले पति-पत्नी सागर में पति-पत्नी के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले। दोनों शादी का जोड़ा पहने हुए थे। पोस्टमॉर्टम के दौरान पता चला कि पत्नी डेढ़ महीने की प्रेग्नेंट थी। मौके से कोई सुसाइड नहीं मिला है, लेकिन पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। पूरी खबर पढ़ें…
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