नूंह के झंडा पार्क पर विरोध प्रदर्शन करते सरकारी कर्मचारी।
हरियाणा के नूंह जिले के सरकारी कर्मचारियों में हरियाणा में पेंशन बहाली संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल पर हुए मुकदमे के मामले को लेकर गहरा आक्रोश है। दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन और ज्यादा संख्या में कर्मचारियों के पहुंचने पर
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प्रदर्शनकारियों ने कहा शांतिपूर्ण आंदोलन पर एफआईआर दर्ज करना लोकतंत्र का अपमान
जिला महासचिव राजेंद्र छिम्पा ने कहा कि कर्मचारियों की बड़ी संख्या कोई अपराध नहीं, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि पुरानी पेंशन लाखों परिवारों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है।
नूंह के झंडा पार्क पर विरोध प्रदर्शन करते सरकारी कर्मचारी।
वहीं राज्य कार्यकारिणी सदस्य जितेंद्र गुलिया ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन पर एफआईआर दर्ज करना लोकतंत्र का अपमान है। यदि एफआईआर तुरंत वापस नहीं ली गई और ओपीएस बहाल नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने भी स्पष्ट किया कि पेंशन कोई सुविधा नहीं, बल्कि कर्मचारियों का अधिकार है और इसे बहाल कराए बिना आंदोलन थमेगा नहीं।



