मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में मेडिकल शाखा के अधिकारियों ने पीटीआरआई (पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट) के 25 कर्मचारियों के नाम पर फर्जी बिल बनाकर 15 लाख रुपए हड़प लिए। आरोपियों में प्रभारी सहायक उप निरीक्षक हर्ष वानखेड़े, तत्कालीन आंकिक कैशियर
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पीएचक्यू के मेडिकल शाखा में 15 लाख का फर्जी बिल घोटाला उजागर।
फर्जी मेडिकल बिल लगाकर 15 हड़प लिए
पीटीआरआई के कर्मचारियों ने मुख्यालय की पीटीआरआई शाखा के जिम्मेदारों को एक संयुक्त आवेदन सौंपा, जिसमें फर्जी बिल की जानकारी दी गई। जांच के बाद यह खुलासा हुआ कि आरोपी अधिकारियों ने 2023 से जुलाई 2025 के बीच 25 कर्मचारियों के नाम पर मेडिकल बिल पास कर सरकारी राशि अपने खाते में ट्रांसफर कराई।
टीआई सीबी राठौर ने बताया कि फरियादी उप पुलिस अधीक्षक ओपी मिश्रा ने कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन मंगलवार को सौंपा था। इसके आधार पर बुधवार को जहांगीराबाद पुलिस ने कूट रचित दस्तावेज और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।

एफआईआर दर्ज होने के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए हैं।
कॉल कर राशि अपने खाते में ट्रांसफर करवाते
जांच में पता चला कि आरोपी कर्मचारियों के नाम से बिल पास करने के बाद सीधे उनकी बैंक खातों में रकम जाती थी। इसके तुरंत बाद आरोपी उन्हें कॉल कर बताते थे कि मेडिकल शाखा से गलती से कुछ राशि आपके खाते में पहुंच गई है। फिर कर्मचारियों से उनके खुद के खातों के नंबर लेकर रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा लेते थे।
बता दें जांच और एफआईआर दर्ज होने के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। करीब एक सप्ताह पहले ही उन्हें पुलिस मुख्यालय से सस्पेंड किया गया था।