20 मिनट पहले
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कॉम्बैट पैराशूट सिस्टम को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलेपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने तैयार किया है।
भारतीय सेना के जवानों ने बुधवार को भारत में बने मिलिट्री कॉम्बैट पैराशूट सिस्टम (MCPS) की सफल टेस्टिंग की। इंडियन एयर फोर्स के तीन जवानों ने 32000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई।
इस टेस्टिंग का मकसद पैराशूट की बेहतर लैंडिंग, उसकी कंट्रोलिंग और नेविगेशन शामिल है। पैराशूट सिस्टम नेविगेशन विद इंडियन कांस्टेलेशन (NavIC) से लैस है। NavIC एक स्वदेशी सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम है।
कॉम्बैट पैराशूट सिस्टम को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलेपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने तैयार किया है। इसे DRDO की दो टेस्टिंग लैब एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट, आगरा और डिफेंस बायोइंजीनियरिंग एंड इलेक्ट्रोमेडिकल लैबोरेटरी, बेंगलुरु ने मिलकर बनाया है।
सफल टेस्टिंग की 4 तस्वीरें…

भारतीय वायु सेना के तीन जवानों ने विमान से पैराशूट लेकर छलांग लगाई।

विमान से कूदते ही जवानों ने हवा में पैराशूट खोला।

पैराशूट खुलने के बाद जवान नीचे उतरता हुआ।

आखिर में पैराशूट की सफल लैंडिंग करा ली गई।
मिलिट्री कॉम्बैट पैराशूट सिस्टम (MCPS) की खासियत
डिजाइन: Ram-Air (Rectangular Canopy), यानी नियंत्रित और दिशा बदलने वाला पैराशूट। उपयोग: कॉम्बैट फ्री फॉल मिशन, यानी उड़ते हुए विमान से कूदा जा सकता है।
ऊंचाई क्षमता: 32000 फीट लोड क्षमता: 150 kg (सैनिक + किट)
सेफ्टी फीचर्स:
1. मेन और रिजर्व कैनोपी- एक फट जाए तो दूसरी काम आएगी। 2. ऑटोमेशन- यदि सैनिक समय पर पैराशूट न खोले, तो सिस्टम खुद खुल जाए।
नेविगेशन सिस्टम: GPS / NAVIC बेस्ड, यानी सही स्थान पर लैंडिंग संभव। ऑक्सीजन सिस्टम: ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन के लिए ब्रीथिंग सिस्टम से लैस। रात/दिन दोनों में उपयोगी: नाइट विजन हेडगियर से लैस।
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भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन (DRDO) के बनाए स्वदेशी इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) का पहला टेस्ट कामयाब रहा है। IADWS एक मल्टीलेयर एयर डिफेंस सिस्टम है, ये दुश्मन के हवाई हमले नाकाम करेगा। इसमें सभी स्वदेशी क्विक एक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल (QRSAM), एडवांस्ड वैरी शॉर्ट एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलें (VSHORADS) और हाई पावर लेजर बेस्ड डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW) शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…



