एक्सपर्ट बोले- चीन-जापान खतरनाक मोड पर:  जापानी PM ने कहा था- ताइवान की रक्षा करेंगे, चीन बोला- यह भड़काऊ बयान

एक्सपर्ट बोले- चीन-जापान खतरनाक मोड पर: जापानी PM ने कहा था- ताइवान की रक्षा करेंगे, चीन बोला- यह भड़काऊ बयान


बीजिंग/टोक्यो22 मिनट पहले

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जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची के ताइवान पर दिए बयान से चीन और जापान के बीच तनाव बढ़ गया है। एक्सपर्ट का कहना है कि दोनों देश अब एक खतरनाक मोड़ पर खड़े हैं।

रॉयटर्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के चीन-पॉलिसी एक्सपर्ट एलेन कार्लसन ने कहा कि अगर जापानी पीएम ने बयान वापस नहीं लिया तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

दरअसल साने ताकाइची ने 7 नंवबर को संसद में कहा था कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला किया या उस पर दबाव बनाने की कोशिश की तो जापान सैन्य कार्रवाई करेगा।

चीन ने इस बयान को बेहद गैर-जिम्मेदार और उकसाने वाला करार दिया है। चीन का कहना है कि ताकाइची का यह बयान दोनों देशों के रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकता है और पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकता है। चीन ने जापान के राजदूत को तलब करके पीएम ताकाइची से बयान को वापस लेने की मांग की।

PM साने ताकाइची ने जापानी संसद मे कहा था कि अगर ताइवान को लेकर किसी तरह का युद्ध होता है और उसमें चीन सेना या युद्धपोत इस्तेमाल करता है, तो यह हालात जापान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकते हैं।

PM साने ताकाइची ने जापानी संसद मे कहा था कि अगर ताइवान को लेकर किसी तरह का युद्ध होता है और उसमें चीन सेना या युद्धपोत इस्तेमाल करता है, तो यह हालात जापान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकते हैं।

अमेरिका बोला- जापान की रक्षा करेंगे

बिगड़ते माहौल के बीच, रविवार को चीनी कोस्ट गार्ड के जहाज जापान के कंट्रोल वाले सेनकाकू आइलैंड के पास दिखाई दिए थे। इसके बाद जापान के कोस्ट गार्ड ने उन्हें इलाके से बाहर किया था।

अमेरिका ने क्लियर किया कि जापान-अमेरिका सुरक्षा समझौते के तहत अगर इन द्वीपों पर हमला होता है, तो अमेरिका जापान की रक्षा करेगा।

वहीं, चीन के फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कुछ जापानी फिल्मों की रिलीज रोक दी है। चीनी सरकारी टीवी CCTV ने कहा कि यह घरेलू माहौल को देखते हुए यह फैसला सावधानी से लिया गया है।

चीनी मीडिया बोला- ताइवान मुद्दे में जापान बेवजह दखल दे रहा

चीन के सरकारी मीडिया का कहना है कि जापान ताइवान मुद्दे में बेवजह दखल दे रहा है और ऐसा करके खुद अपने देश को खतरे में डाल रहा है। एक न्यूज एडिटोरियल में यह भी लिखा गया कि अगर जापान की सेना ने इस मामले में दखल दिया तो पूरे क्षेत्र को नुकसान झेलना पड़ेगा।

चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि जापान और अमेरिका ताइवान को स्वतंत्र देश की तरह मान्यता तो नहीं देते, लेकिन अमेरिका उसकी सुरक्षा में मदद करता है और उस पर किसी भी जबरन कब्जे का विरोध करता है।

ताइवान जापान से सिर्फ 110 किलोमीटर दूर है। ताइवान के आसपास का समुद्री क्षेत्र जापान के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यह उसका एक महत्त्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग है। साथ ही, जापान में दुनिया में सबसे बड़ा अमेरिकी सेना का विदेशी ठिकाना भी मौजूद है।

चीन-जापानी ने सुरक्षा एडवाइजरी जारी की

जापानी सरकार ने चीन में रह रहे अपने नागरिकों को भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने को कहा है। जापान के कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने बताया कि हाल के डिप्लोमेटिक विवादों के बाद चीनी मीडिया में जापान को लेकर माहौल खराब हुआ है, इसलिए यह नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।

जापान के सुरक्षा अलर्ट में कहा गया है कि अनजान लोगों से बातचीत में सावधानी बरतें, अकेले ट्रैवल न करें, बच्चों के साथ बाहर जाते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध इंसान या ग्रुप को देखकर तुरंत दूर चले जाएं।

वहीं, चीन ने भी रविवार को जापान पढ़ने जाने वाले चीनी छात्रों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। चीन का कहना है कि जापान में इन दिनों सुरक्षा स्थिति ठीक नहीं है और वहां रहने वाले चीनी नागरिकों के लिए खतरा बढ़ गया है।

चीन के मुताबिक, जापान में हाल ही में अपराध बढ़े हैं और चीनी छात्रों के लिए माहौल पहले जैसा सुरक्षित नहीं रहा।

चीन-जापान में सेनकाकू आइलैंड काे लेकर विवाद

जापान के दक्षिण पश्चिम इलाके में ही सेनकाकू या डियाओयू आइलैंड है। यही चीन के साथ जापान के विवाद की वजह है। फिलहाल यहां जापान का कब्जा है, लेकिन चीन पर इस पर अपना दावा करता है।

यह दक्षिण चीन सागर के पास है। इस आइलैंड के पास 12 मील का इंटरनेशनल एयर रूट भी है। हालांकि, चीन इसे नहीं मानता और अक्सर जापान के एयर स्पेस में घुस आता है। इसे देखते हुए जापानी एयरफोर्स को हमेशा अलर्ट रहना होता है।

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