पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: गुजरती पीढ़ी भी जेन-जी के लिए बहुत कर सकती है

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  गुजरती पीढ़ी भी जेन-जी के लिए बहुत कर सकती है

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column The Passing Generation Can Also Do A Lot For Gen G 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता पुराने लोगों के हिसाब से तो छह उम्र होती थीं- बचपन, तरुणाई, युवावस्था, प्रौढ़ावस्था, वृद्धावस्था और जरावस्था। अब इन्हें नया नाम दिया गया है, जेन-जी, मिलेनियल्स, बेबी बूमर्स। आप … Read more

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रतिस्पर्धी दुनिया में सहज बने रहने का सूत्र सीखें

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  प्रतिस्पर्धी दुनिया में सहज बने रहने का सूत्र सीखें

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Learn The Formula To Remain Comfortable In A Competitive World 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता पिछले वर्षों के मुकाबले पढ़े-लिखे लोगों और योग्य व्यक्तियों की संख्या बढ़ी है। जाहिर है प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी। लेकिन अब प्रतिस्पर्धा, प्रतिद्वंद्विता और इससे भी आगे बढ़कर युद्ध में बदल … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: जीवन में आप जो देते हैं , वही वापस पाते हैं

एन. रघुरामन का कॉलम:  जीवन में आप जो देते हैं , वही वापस पाते हैं

3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु वर्ष 1980 के शुरुआती दिनों की बात है। वे बॉम्बे (अब मुंबई) के जुहू में स्थित होटल हॉलिडे-इन में एक पतले और झुके सिर वाले युवक का हाथ थामे हुए दाखिल हुए। उस दौर में यह सेलेब्रिटीज के लिए सबसे मशहूर होटल था। जैसे ही सिक्योरिटी … Read more

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: चीन और पाकिस्तान की धुरी में बांग्लादेश तीसरा कोण

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  चीन और पाकिस्तान की धुरी में बांग्लादेश तीसरा कोण

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Bangladesh Is The Third Angle In The Axis Of China And Pakistan 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता वैसे तो भाषा का संबंध शब्दों से है, लेकिन इन दिनों भाषा को आवाज से जोड़ दिया गया है। जिसकी आवाज में जोर है, शोर है-लोग उसी की … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: पेशेवर जीवन के इतर अपनी पहचान बनाएं

एन. रघुरामन का कॉलम:  पेशेवर जीवन के इतर अपनी पहचान बनाएं

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Make Your Mark Beyond Your Professional Life 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु जीवनकाल बढ़ने के साथ कई लोगों का करियर भी लंबा हो रहा है। मुम्बई में हुए एक जॉब फेयर में 5500 से अधिक वरिष्ठ लोगों की मौजूदगी से मुझे यह बात समझ आई, … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: हमारी प्रतिभाएं अभी भी शहरों में क्यों फंसी रह जाती हैं?

एन. रघुरामन का कॉलम:  हमारी प्रतिभाएं अभी भी शहरों में क्यों फंसी रह जाती हैं?

3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु वह 1975 का साल था। नागपुर से आई एक ट्रेन से उतरकर विक्टोरिया टर्मिनस (अब छत्रपति शिवाजी टर्मिनस) के बाहर कदम रखते ही मैं कुछ मिनटों तक उसकी भव्य इमारत को निहारता रहा। तभी मेरे अंकल ने मेरे कंधे पर हाथ रखा और कुछ दूरी पर … Read more

मनोज जोशी का कॉलम: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों से चिंताएं बढ़ी हैं

मनोज जोशी का कॉलम:  बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों से चिंताएं बढ़ी हैं

Hindi News Opinion Manoj Joshi’s Column: Attacks On Minorities In Bangladesh Raise Concerns 3 घंटे पहले कॉपी लिंक मनोज जोशी विदेशी मामलों के जानकार शेख हसीना को सुनाई मौत की सजा ने बांग्लादेश के साथ हमारे लगातार खराब होते रिश्तों पर फिर से ध्यान खींचा है। ढाका की अंतरिम सरकार ने मांग की है कि … Read more

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मानवीय दक्षता को बचाए रखा तो आपकी जीत तय है

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  मानवीय दक्षता को बचाए रखा तो आपकी जीत तय है

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column If You Preserve Human Efficiency, Your Victory Is Certain. 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता हमें अपने बच्चों को देना तो पड़ता ही है। वो चाहे दौलत मांगें या स्वतंत्रता। लेकिन बच्चों को सिखाते जाएं कि लेना क्या है, इसका विवेक जगा लो। नौकरी की बात … Read more

एन. रघुरामन का कॉलम: बच्चों को सिर्फ ‘ना’ मत कहिए, इसके कारण भी बताइए

एन. रघुरामन का कॉलम:  बच्चों को सिर्फ ‘ना’ मत कहिए, इसके कारण भी बताइए

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Don’t Just Say ‘no’ To Your Children, Explain Why. 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु हाल ही में मुझे इस अखबार के एक पाठक का पत्र मिला, जिसमें मुझ पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया गया। पत्र में आरोप को लेकर विस्तार से तर्क … Read more

शेखर गुप्ता का कॉलम: वोटबैंक कायम हैं तो बदलाव कहां हुआ?

शेखर गुप्ता का कॉलम:  वोटबैंक कायम हैं तो बदलाव कहां हुआ?

Hindi News Opinion Shekhar Gupta’s Column If The Vote Bank Remains Intact Then Where Has The Change Happened? 3 घंटे पहले कॉपी लिंक शेखर गुप्ता, एडिटर-इन-चीफ, ‘द प्रिन्ट’ बिहार में एनडीए की जीत कितनी भी बड़ी क्यों न लग रही हो, पर पुराने जमे हुए वोट बैंक वहीं हैं। जैसे-जैसे मुकाबले आमने-सामने के होने लगते … Read more