रामनवमी पर हजारीबाग में भव्य शोभायात्रा: पंचमी पर जीवंत हुई पुरानी परंपरा, हर चौक-चौराहे पर स्वागत, परंपरा को मिला विस्तार – Hazaribagh News




हजारीबाग में रामनवमी के अवसर पर पंचमी के दिन शहर की सड़कों पर एक बार फिर पुरानी परंपरा जीवंत हो उठी। सनराइज ग्रुप कालीबाड़ी चौक की ओर से दोपहर बाद दिन की रोशनी में भव्य झंडा शोभायात्रा निकाली गई। महावीरी पताकाओं से पूरा शहर पट गया और ‘जय श्रीराम’ के नारों से वातावरण गूंज उठा। शोभायात्रा में महिला, पुरुष और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। सबसे आगे 10 महावीरी झंडा लिए श्रद्धालु चल रहे थे, जिनके पीछे आकर्षक झांकियों और ताशा पार्टी ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन शोभायात्रा में छत्रपति शिवाजी की भव्य झांकी और भगवान श्रीराम परिवार की सौम्य झांकी प्रमुख आकर्षण रही। हरियाणा से आए काली नृत्य समूह ने अपने ऊर्जावान प्रदर्शन से लोगों का मन मोह लिया। कलाकारों की प्रस्तुति ने सड़कों को सांस्कृतिक मंच में बदल दिया। ताशा और ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। पूरे मार्ग में शोभायात्रा को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं की भागीदारी बनी खास आकर्षण इस बार शोभायात्रा में महिला सशक्तिकरण की भी अनूठी झलक देखने को मिली। बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक परिधान में शामिल हुईं और भक्ति गीतों पर नृत्य करती दिखीं। कई महिलाएं बुलेट और स्कूटी पर सवार होकर शोभायात्रा का नेतृत्व करती नजर आईं। इसके अलावा महिलाओं ने पारंपरिक अस्त्रों का प्रदर्शन कर उत्सव में अलग रंग भरा। यह दृश्य लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। हर चौक-चौराहे पर स्वागत, परंपरा को मिला विस्तार शोभायात्रा के दौरान विभिन्न चौक-चौराहों पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं को पानी और जूस वितरित किए गए। रामनवमी स्वागत समिति और अन्य संगठनों ने स्टॉल लगाकर शोभायात्रा का अभिनंदन किया। हजारीबाग में आमतौर पर दशमी और एकादशी को शोभायात्रा निकलती है, लेकिन सनराइज ग्रुप द्वारा पंचमी पर इस आयोजन ने उत्सव को नया विस्तार दिया है। वर्षों से जारी इस पहल ने शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को नई पहचान दी है।



Source link