33 मिनट पहले
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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने सोमवार को हफिंगटन पोस्ट के पत्रकार एसवी डीटे पर नाराजगी जताई। लीविट ने उन्हें लेफ्ट-विंग हैक कहा।
दरअसल एसवी डीटे ने लीविट को मैसेज कर ट्रम्प और पुतिन की संभावित बैठक से जुड़ा सवाल किया। उन्होंने पूछा कि इस बैठक के लिए जगह किसने चुनी। इस पर लीविट ने जवाब देते हुए कहा कि, तुम्हारी मां ने चुनी।
पत्रकार एसवी डीटे ट्रम्प की आलोचनात्मक कवरेज के लिए जाने जाते हैं। लीविट ने बाद में अपना यह जवाब X पर शेयरकरते हुए लिखा कि एसवी डीटे तथ्य में रुचि रखने वाले पत्रकार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह वर्षों से ट्रम्प पर लगातार हमला कर रहे हैं।
बुडापेस्ट में होने वाली बैठक में ट्रम्प, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन युद्ध को खत्म करने पर चर्चा करेंगे।
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ट्रम्प के लिए मृत मां का वोट डालने वाली महिला को निबंध लिखने की सजा

अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में एक महिला को अपनी मृत मां के नाम से वोट डालने के मामले में अदालत ने सजा के रूप में निबंध लिखने और मतदान पर किताब पढ़ने का आदेश दिया है।
नैशवॉक इलाके में रहने वाली 51 वर्षीय डेनियल क्रिस्टीन मिलर ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी मां के नाम से डोनाल्ड ट्रम्प को वोट दिया था। जांच में पता चला कि उन्होंने अपनी मां का डाक मतपत्र भरकर जमा किया था, जबकि उनकी मां अगस्त 2024 में ही निधन हो चुका था।
स्थानीय अधिकारियों ने संदिग्ध मतपत्रों की जानकारी पुलिस को दी थी। जांच में सामने आया कि मिलर ने अपनी मां के नाम पर हस्ताक्षर भी किए थे और अपनी वोटिंग लिफाफे में खुद को गवाह के तौर पर भी साइन किया था। उन्होंने कहा कि उनकी मां ट्रम्प की समर्थक थीं और उनके लिए वोट करना चाहती थीं।
मिलर ने अदालत में झूठे दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने की बात कबूल की। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने ये काम किया, तब वे नशे में थीं और उन्हें ठीक से याद नहीं कि क्या हुआ। अदालत ने अन्य दो गंभीर आरोप हटा दिए और उन्हें तीन साल की निगरानी अवधि (प्रोबेशन) और 885 डॉलर का जुर्माना लगाया।
आज जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनेंगी साने ताकाइची, संसद में वोटिंग होगी

जापान की संसद मंगलवार को साने ताकाइची को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री चुनने जा रही है। यह फैसला उनके नॉर्थ-कॉनसर्वेटिव पार्टी के नए गठबंधन के बाद आया है।
ताकाइची प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा का स्थान लेंगी। इशिबा ने मंगलवार सुबह ही अपने और अपने मंत्रिमंडल का इस्तीफा दे दिया।
ताकाइची का गठबंधन राइट विंग पार्टी जापान इनोवेशन पार्टी के साथ है। विपक्ष एकजुट नहीं है, इसलिए संसद में उनकी जीत की संभावना ज्यादा है।
ताकाइची ने कहा,
राजनीतिक स्थिरता बहुत जरूरी है। इसके बिना हम मजबूत अर्थव्यवस्था और कूटनीति के लिए कोई कदम नहीं उठा सकते।

उनकी नई सरकार में कई सहयोगी मंत्री होंगे, लेकिन गठबंधन वाली दूसरी पार्टी अभी अपने पदों की पुष्टि नहीं करेगी।
ताकाइची जल्दी ही अर्थव्यवस्था सुधारने के उपाय, अमेरिकी राष्ट्रपति से बैठक और क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन जैसी चुनौतियों से निपटेंगी।
हालांकि वह पहली महिला प्रधानमंत्री होंगी, लेकिन लिंग समानता या विविधता को बढ़ावा देने में कोई तेज़ी नहीं दिखा रही हैं। वह पुरुष-मुख्य उत्तराधिकार, समान लिंग विवाह और शादी के बाद अलग-अलग उपनाम जैसे मुद्दों का विरोध करती हैं।
ताकाइची को हत्या किए गए पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का करीबी माना जाता है। उनका रुख सैन्य और अर्थव्यवस्था मजबूत करने, और शांतिवादी संविधान में बदलाव के पक्ष में है।
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