शहर में अवैध निर्माण। फाइल फोटो
लुधियाना शहर में अवैध बिल्डिंगों के निर्माण के लिए नगर निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल ने अफसरों की जिम्मेदारी फिक्स कर दी है। कमिश्नर ने साफ कर दिया कि जिस एरिया में अवैध बिल्डिंग का निर्माण होगा उसके लिए उस एरिया का बिल्डिंग इंस्पेक्टर सीधे तौर पर जिम्
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शहर में अवैध निर्माण का मामला नगर निगम हाउस की बैठक में उठा था। जिसके बाद नगर निगम कमिश्नर ने बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों को शहर में अवैध निर्माणाधीन बिल्डिंगों का सर्वे करने का आदेश दिया। नगर कमिश्नर ने अफसरों को यह भी कह दिया कि सर्वे के दौरान जो निर्माण बिना नक्शा पास किए करवाए जा रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
कमिश्नर ने बिल्डिंग ब्रांच के अफसरों को साफ कह दिया कि जिन अवैध निर्माणों के चालान करके रेगुलर किए जा सकते हैं उनके चालान तय रेट के हिसाब से करें और जिन्हें रेगुलर नहीं किया जा सकता है उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चारों जोनों के एटीपी को कहा है कि उन्हें सर्टिफिकेट जमा करवाना होगा कि उनके इलाके में अब कोई अवैध निर्माण नहीं हो रहा है।
बिल्डिंग ब्रांच के अफसरों को हिदायतें देते हुए नगर निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल।
किए गए चालानों की रिकवरी के आदेश
निगम कमिश्नर ने बिल्डिंग ब्रांच को आदेश दिए हैं कि पिछले समय में जिन अवैध निर्माणों के चालान किए गए हैं उनसे रिकवरी की जाए और चालानों की सूची उन्हें भी दी जाए। बिल्डिंग ब्रांच के कर्मचारी से लेकर अफसर तक रोजाना रिकवरी रिपोर्ट भी तैयार करनी होगी।
एटीपी व बिल्डिंग इंस्पेक्टरों को मिलेंगे वीकली टारगेट
नगर निगम में बिल्डिंग ब्रांच को पूरे वित्तीय वर्ष में करीब 60 करोड़ रुपए की आय का लक्ष्य दिया गया था। तीन महीने शेष रह गए लेकिन अभी तक 50 प्रतिशत रिकवरी ही हो सकती है। निगम कमिश्नर ने कहा है कि इन तीन महीनों में रिकवरी पर ध्यान दें।
प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली टारगेट से 45 करोड़ रुपए पीछे
लुधियाना नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स से इस साल में 180 करोड़ रुपए कमाने का लक्ष्य रखा था लेकिन अभी तक निगम 45 करोड़ रुपए अपने लक्ष्य से पीछे है। इसी तरह वाटर सीवरेज में भी 60 करोड़ रुपए का लक्ष्य था लेकिन अभी तक 35 करोड़ रुपए ही वसूल हुए हैं।
नाले पर अवैध कब्जों की मांगी रिपोर्ट
शिवाजी नगर नाले के साथ फील्डगंज की तरफ से आने वाले नाले पर हुए कब्जों का मामला नगर निगम हाउस की बैठक में विधायक अशोक पराशर पप्पी ने उठाया था। जिस पर नगर निगम कमिश्नर ने बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। साथ ही अफसरों को कहा था कि कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया जाए।



