नेगड़िया पुल निर्माण में सेफ्टी नॉर्म्स का उल्लंघन: ग्रामीणों का आरोप- बिना रिफ्लेक्टर लगाए हो रहा काम, मिट्टी के ढेर से भिड़ रही गाड़ियां – rajsamand (kankroli) News




राजसमंद जिले में गौमती-उदयपुर फोरलेन पर पुल निर्माण कार्य के दौरान प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। नाथद्वारा से उदयपुर के बीच नेगड़िया के पास करीब 4 महीने से पुल का निर्माण काम चल रहा है, लेकिन सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। निर्माण कार्य के दौरान मुख्य सड़क के आगे मिट्टी का बड़ा ढेर डाल दिया गया है। फोरलेन सड़क होने और मार्ग पर ढलान होने के कारण वाहनों की गति तेज रहती है। ऐसे में रोड डाइवर्जन से पहले किसी प्रकार के स्पष्ट संकेतक या चेतावनी बोर्ड व इंतेजाम नही किए गए। खास तौर पर रात के समय वाहन चालक भ्रमित हो जाते हैं और उनके वाहन सीधे मिट्टी के ढेर पर चढ़ जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है- अब तक यहां 20 से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। हादसों में कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। जबकि वाहन चालक भी चोटिल हुए हैं। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर मौजूद ठेकेदार को मौखिक शिकायत करते हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। रिफ्लेक्टर और स्पीड कंट्रोल की कमी
ग्रामीणों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी से मांग की है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर और स्पीड कंट्रोल के इंतजाम किए जाएं, जिससे वाहन चालक समय रहते सतर्क हो सकें और दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। जानकारी के अनुसार नेगडिया में ओवर ब्रिज का काम उदयपुर की हिमालय कंन्सट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि बिना सेफ्टी नॉर्म्स के काम को किया जा रहा है, जिससे हादसे हो रहे हैं।



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