प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को अचानक नोटबंदी की घोषणा कर देश को चौका दिया था। जिसकी यादें समय के साथ धुंधली होने लगी थी। रेवाड़ी जिले के गांव बव्वा में आठ फरवरी की रात मामा-भांजे के विवाद में एक बार फिर नोटबंदी के दौर की यादों को ताजा कर दिया। नोटबंदी के दौरान मामा-भांजे में हुए लेनदेन के विवाद ने मामा को मौत की नींद सुला दिया। 9 फरवरी को कोसली पुलिस ने पत्नी सुमन की शिकायत पर भांजे और उसकी पत्नी को नामजद कर अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया। हालांकि अभी तक मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। जांच से पहले कुछ भी कहना गलत एडवोकेट टैक्ससेन बिट्टू दीक्षित ने कहा कि नोटबंदी में बहुत से लोगों ने अपने दो नंबर के पैसे इधर से उधर किए थे। मामा भांजा के बीच कैसा लेन-देन था। पैसे कहीं से आए या उनके व्यक्तिगत थे, यह या तो लेनदेन करने वाले बता सकते हैं या फिर जांच से पता चल सकता है। हां मामले में नोटबंदी एक इश्यू हो सकता है, पर दोनों के बीच लेन-देन पर अभी कुछ भी कहना सही नहीं होगा। बेटा बोला- भाई ने पापा के साथ गलत किया गांव बव्वा के मृतक परशुराम के बेटे अक्षय ने कहा था, भैया ने नोटबंदी में पिता के खाते में पैसे डालकर कहा था, जरूरत पड़े तो खर्च लेना, बाद में हिसाब कर लेंगे। पापा से कुछ पैसे खर्च हो गए। परिस्थिति बिगड़ने पर भैया कंपनी में जाकर पापा को परेशान करने लगे थे। भैया के ऐसे व्यवहार से पापा ने परेशान होकर बोल दिया, ऐसा करोंगे, तो मैं पैसे नहीं दूंगा और दोनों परिवारों में बातचीत बंद हो गई। रविवार को हम गांव आए थे। भैया भी अपने दोस्त की शादी में गांव आए हुए थे। जब भैया हमारे घर आए, तो मैं कोल्ड ड्रिंक लेने चला गया। वापस आया, तो भैया अपने दोस्तों और पत्नी के साथ पापा को पीट रहे थे। रिश्तेदार बोला- परशुराम गलत नहीं था मौत की सूचना के बाद अस्पताल पहुंचे परशुराम के रिश्तेदार ने कहा कि परशुराम गलत नहीं था। रोहित ने नोटबंदी में बिना मांगे पैसे डाले थे। जिसके बाद दोनों में लेनदेना हुआ। परशुराम कहता था कि उसने अधिकतर पैसे लौटा दिए, जबकि रोहित इससे इंकार कर पैसे देने का नाजायज दबाव बनाता था। बुरे वक्त में परशुराम हमेशा अपनी बहन के परिवार के साथ खड़ा रहा था। ऐसे में वह चंद रुपए के लिए उनके साथ गलत नहीं कर सकता था। भाई बोला- ऐसा नहीं करना चाहिए था परशुराम के भाई ने बताया कि वह गाड़ी पर गया हुआ था। सूचना के बाद आज ही गांव पहुंचा है। दोनों के बीच लेनदेना होता रहा है। रोहित को घर आकर ऐसा नहीं करना चाहिए था। दोनों परिवार गुरुग्राम में रहते है। किसी प्रकार की कोई बात थी, तो गुरुग्राम में दोनों आमने सामने बैठकर निपटा सकते थे। रोहित ने गांव आकर जो किया वह बिल्कुल गलत था। भारत में कब कब हुई नोटबंदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 की रात लागू की थी नोटबंदी। नोटबंदी के साथ पीएम ने 500 और एक हजार का नोट बंद करने की घोषणा की थी। नोटबंधी का फैसला घोषणा वाली रात 12 बजे से लागू हुआ था। इससे पहले प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई सरकार ने 16 जनवरी को 1978 को नोटबंदी की घोषणा कर 10 हजार का नोट चलन से बाहर कर दिया था। देश में पहली नोटबंदी आजादी से पहले ब्रिटिश सरकार ने 4 जनवरी 1946 को थी। अभी कोई गिरफ्तारी नहीं कोसली थाना प्रभारी मनोज कुमार ने कहा कि दोनों में लेनदेन का पारिवारिक विवाद था। पुलिस ने सोमवार को ही मृतक की पत्नी की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया था, पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।
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रेवाड़ी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हत्यारे: भांजे ने पत्नी संग मिलकर की थी मामा की हत्या; लेन-देन पर विवाद – Rewari News
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