अलवर में त्रिपोलेश्वर बने दूल्हा, काशी से आई विशेष ड्रेस:  जयपुर के ताड़केश्वर में बैंड-बाजे बज रहे, उदयपुर के एकलिंगनाथजी में डीजे पर झूमे भक्त – Rajasthan News

अलवर में त्रिपोलेश्वर बने दूल्हा, काशी से आई विशेष ड्रेस: जयपुर के ताड़केश्वर में बैंड-बाजे बज रहे, उदयपुर के एकलिंगनाथजी में डीजे पर झूमे भक्त – Rajasthan News


राजस्थान में महाशिवरात्रि के मौके पर शिवालयों में सुबह से जलाभिषेक, मंत्रोच्चार किया जा रहा है। कई मंदिरों में बंगाल से मंगाए गए फूलों से भी सजावट की गई है।

राजस्थान में महाशिवरात्रि के पर्व पर शिवभक्त झूमते-गाते बाबा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे है। जयपुर, उदयपुर, कोटा, जोधपुर, अलवर सहित सभी शहरों में भगवान भोलेनाथ के मंदिरों विशेष सजावट की गई है।

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भक्त दूध, घी, शहद से अभिषेक कर रहे हैं। डमरू और मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव के जयकारे लगाए जा रहे हैं। जयपुर के ताड़केश्वर मंदिर में रविवार सुबह 3 बजे हुई भस्मा आरती और महाभिषेक के बाद भक्तों के लिए कपाट खोले गए।

उदयपुर में एकलिंगनाथजी के दर्शन के लिए भक्त डीजे की धुनों पर शिव आराधना करते हुए पहुंच रहे हैं। कोटा के शिवपुरी धाम में 525 शिवलिंग के दर्शन के लिए सुबह से भक्तों की लाइन लगी है।

अलवर के प्रमुख त्रिपोलेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव आज दूल्ह के रूप में हैं। उनके लिए वाराणसी से विशेष ड्रेस भी मंगवाई गई है। राजस्थान के बड़े मंदिरों में आज चार प्रहर की विशेष पूजा भी होगी।

अब देखिए- राजस्थान में महाशिवरात्रि पर्व की PHOTOS…

महाशिवरात्रित पर अलवर के त्रिपोलिया महादेव मंदिर में शिवजी दूल्हे के रूप में हैं। जिनके लिए काशी से पोशाक आई है। कई राज्यों से मंगाए फूलों से उनके लिए विशेष माला बनाई गई है।

जोधपुर के कायलाना की पहाड़ियों में स्थित प्राचीन दादा दरबार सिद्धनाथ में सुबह से ही भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

जोधपुर के कायलाना की पहाड़ियों में स्थित प्राचीन दादा दरबार सिद्धनाथ में सुबह से ही भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

कोटा के थेकड़ा में 525 शिवलिंग शिवपुरी धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। यहां सभी शिवलिंग स्वास्तिक आकार में स्थापित हैं।

कोटा के थेकड़ा में 525 शिवलिंग शिवपुरी धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। यहां सभी शिवलिंग स्वास्तिक आकार में स्थापित हैं।

जयपुर के ताड़केश्वर मंदिर में बाबा के महाभिषेक के दौरान लगातार डमरू के साथ मंत्रोच्चार हुआ।

जयपुर के ताड़केश्वर मंदिर में बाबा के महाभिषेक के दौरान लगातार डमरू के साथ मंत्रोच्चार हुआ।

उदयपुर शहर से 25 किलोमीटर दूर एकलिंगनाथजी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए रात 12 बजे बाद से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। भक्त डीजे की धुनों शिव अराधाना करते हुए पहुंच रहे हैं।

उदयपुर शहर से 25 किलोमीटर दूर एकलिंगनाथजी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए रात 12 बजे बाद से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। भक्त डीजे की धुनों शिव अराधाना करते हुए पहुंच रहे हैं।

जयपुर के ताड़केश्वर मंदिर में सबसे पहले भगवान शिव का घी से अभिषेक किया गया।

जयपुर के ताड़केश्वर मंदिर में सबसे पहले भगवान शिव का घी से अभिषेक किया गया।

उदयपुर के प्रमुख महाकाल मंदिर में अलसुबह से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे है। मंदिर फूलों की थीम बेस्ड सजावट की गई है।

उदयपुर के प्रमुख महाकाल मंदिर में अलसुबह से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे है। मंदिर फूलों की थीम बेस्ड सजावट की गई है।

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