नालंदा में फिर गूंजेगी विचारों की गूंज:  12 फरवरी से अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव का आयोजन; कुमार विश्वास, पीयूष मिश्रा आएंगे – Nalanda News

नालंदा में फिर गूंजेगी विचारों की गूंज: 12 फरवरी से अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव का आयोजन; कुमार विश्वास, पीयूष मिश्रा आएंगे – Nalanda News


नालंदा विश्वविद्यालय के राजगीर परिसर में 12 से 15 फरवरी तक अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव (NILF 2026) का आयोजन किया जा रहा है। यह केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन बौद्धिक परंपरा को समकालीन विमर्श से जोड़ने का एक महत्वाकांक्षी प्रयास ह

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विश्व पुस्तक मेला, भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित एक परिचयात्मक सत्र में उत्सव की क्यूरेटर वैशाली सेठा और कवि संजीव मुकेश ने इस चार दिवसीय साहित्यिक महाकुंभ की रूपरेखा प्रस्तुत की। कवि संजीव मुकेश ने नालंदा की गौरवशाली विरासत का स्मरण करते हुए कहा कि यह उत्सव उसी दीप्तिमान परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।

नालंदा विश्वविद्यालय में होगा आयोजन।

विचारों का वैश्विक संगम

उत्सव में देश-विदेश से लगभग 200 प्रतिष्ठित लेखक, विचारक, अनुवादक, प्रकाशक और साहित्यिक एजेंट भाग लेंगे। इनमें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और गजेंद्र सिंह शेखावत भी आएंगे।

साहित्य जगत से वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी, गीतकार-अभिनेता पीयूष मिश्रा, कवि डॉ. कुमार विश्वास, अभिनेता अमोल पालेकर, लेखिका भावना सोममया, डॉ. कविता शर्मा, हिंदी जासूसी उपन्यासों के सम्राट सुरेंद्र मोहन पाठक, मार्या शकील, शांतनु गुप्ता, ओ पी सिंह, प्रताप सोमवंशी और मनु दास जैसे दिग्गज उपस्थित रहेंगे।

साहित्य से परे एक समग्र अनुभव

चार दिनों के इस आयोजन में 10 से अधिक पुस्तक विमोचन, कथा एवं गैर-कथा लेखन पर 4-5 विशेष कार्यशालाएं, भाषायी अनुवाद प्रयोगशालाएं, समकालीन मुद्दों पर बहस सत्र और अनेक प्लेनरी सत्र आयोजित किए जाएंगे। उत्सव का उद्देश्य साहित्य को केवल मंच की शोभा न बनाकर उसे विचार-विमर्श के केंद्र में लाना है।

क्यूरेटर वैशाली सेठा ने स्पष्ट किया कि यह उत्सव विचारों को सुनने भर का नहीं, बल्कि उन्हें गढ़ने का मंच है। हम नालंदा को केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि समकालीन वैश्विक बौद्धिक मानचित्र पर एक जीवंत और प्रासंगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहते हैं।

देश-विदेश के 200 प्रतिष्ठित लोग होंगे शामिल।

देश-विदेश के 200 प्रतिष्ठित लोग होंगे शामिल।

नेट-जीरो परिसर में ज्ञान का उत्सव

450 एकड़ में फैला नालंदा विश्वविद्यालय का नेट-जीरो परिसर इस उत्सव का केवल स्थल नहीं, बल्कि उसका विचारात्मक आधार है। शहरी कोलाहल से दूर, यह परिसर गहन साहित्यिक संवाद के लिए दुर्लभ वातावरण प्रदान करता है, जहां हर ईंट इतिहास से संवाद करती है और हर खुला प्रांगण चिंतन को आमंत्रित करता है।

समावेशी भागीदारी की व्यवस्था

उत्सव को व्यापक और समावेशी बनाने के लिए विभिन्न श्रेणियों में पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। छात्रों के लिए विशेष पास, सामान्य पास (सीमित प्रवेश), मीडिया प्रतिनिधियों के लिए निशुल्क प्रवेश और NILF LitConnect के अंतर्गत प्रकाशकों, लेखकों और एजेंटों के लिए विशेष संवाद मंच की व्यवस्था है। इसके अलावा, NILF मित्र कार्यक्रम के तहत समर्थकों को विशिष्ट अनुभव और सहभागिता का अवसर मिलेगा।

सांस्कृतिक विविधता का उत्सव

साहित्यिक गतिविधियों के साथ-साथ 5000 वर्गफुट में पुस्तक मेला, पारंपरिक एवं समकालीन हस्तशिल्प स्टॉल और थारू जनजातीय ग्राम की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। लोकगीत, नृत्य और जीवनशैली के माध्यम से साहित्य के साथ सांस्कृतिक संवाद की एक अनूठी परंपरा स्थापित होगी।



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