व्यक्ति को पकड़ घाट से एम्बुलेंस की तरफ लेकर जाती पुलिस।
हरिद्वार में हर की पैड़ी पर शाम की गंगा आरती के दौरान गुजरात से आए एक श्रद्धालु की अचानक मौत हो गई। आरती के दौरान श्रद्धालु को हार्ट अटैक आया, जिसके बाद वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा।
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घटना के बाद घाट पर मौजूद परिजनों में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही हर की पैड़ी पुलिस चौकी प्रभारी संजीत कंडारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने भीड़ के बीच से व्यक्ति को बाहर निकाला और ई-रिक्शा में लादकर अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसे मृत घोषित कर दिया।
व्यक्ति को ई-रिक्शा में लादते पुलिस के जवान।
गंगा आरती के दौरान बिगड़ी श्रद्धालु की तबीयत
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को सायंकालीन गंगा आरती के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच एक व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। सूचना मिली थी कि वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ा है।
परिजन और आसपास मौजूद लोग घबरा गए थे, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने हालात काबू में किए और व्यक्ति को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

व्यक्ति को पकड़ घाट की सीढ़ियों से उसे बाहर लेकर जाते पुलिसकर्मी।
भीड़ से निकालकर ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचाया
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते पुलिस टीम ने व्यक्ति को कंधों के सहारे घाट से बाहर निकाला। इसके बाद उसे ई-रिक्शा में लादकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद श्रद्धालु को मृत घोषित कर दिया।
गुजरात के सोमनाथ जिले के रहने वाले थे मृतक
हर की पैड़ी पुलिस चौकी प्रभारी संजीत कंडारी ने बताया कि मृतक की पहचान जगदीश भाई गोकाणी के रूप में हुई है। वह गुजरात के सोमनाथ जिले के बेरावल के रहने वाले थे।
पुलिस के अनुसार, गंगा आरती के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी थी और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हार्ट अटैक से सालों पहले दिखने वाले संकेत क्या हैं?
हार्ट अटैक अचानक नहीं आता। सालों पहले शरीर में छोटे-छोटे बदलाव दिखने लगते हैं। ये संकेत अगर समय पर समझ लिए जाएं तो डॉक्टर की मदद से बड़ा खतरा टाला जा सकता है। स्टडीज बताती हैं कि ये क्लू 10-12 साल पहले से शुरू हो सकते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग इन्हें थकान या उम्र समझ लेते हैं। यहां 12 ऐसे संकेत हैं जो दिल की समस्या का इशारा दे सकते हैं।

इन संकेतों को साल-दर-साल कैसे समझें?
ये संकेत एक साथ नहीं आते। ये धीरे-धीरे सालों में विकसित होते हैं। कार्डिया स्टडी और अन्य रिसर्च के आधार पर एक अनुमानित टाइमलाइन बनाई जा सकती है। ध्यान रखें, यह हर व्यक्ति में अलग हो सकती है, लेकिन यह समझने में मदद करेगी कि कब सतर्क होना चाहिए।




