संगरूर के बालद कलां गांव के निवासी 45 वर्षीय जसपाल सिंह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। इससे पहले वह लेफ्टिनेंट जसपाल सिंह अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद पहली बार अपनी यूनिफॉर्म में गांव पहुंचे। गांव वालों ने उनका जोरदार स्वागत किया। ग्रामीणों ने उनके गले में मालाएं पहनाईं, लड्डू बांटे और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका अभिनंदन किया। गौरतलब है कि देशभक्ति कॉलेज बरडवाल में प्रोफेसर है और इन्होंने आर्मी की ट्रेनिंग की, जिसमें इनको एक एक्स्ट्रा रैंक मिला है। कॉलेज में जो नए बच्चे भर्ती होंगे फौज में उनको यह ट्रेनिंग देंगे और इनको केंद्र सरकार कुछ सैलरी देगी और बाकी की सैलरी इनको पहले ही कॉलेज से मिल रही है। बस स्टैंड से लेकर घर तक जश्न का माहौल गांव के बस स्टैंड से लेकर उनके घर तक, ढोल बजाते हुए एक बड़ी भीड़ जसपाल सिंह के साथ चली। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे, जिन्होंने अपने बेटे की इस सफलता पर गर्व व्यक्त किया। बच्चों को सेना में जाने के लिए प्रशिक्षित करने का आह्वान इस अवसर पर जसपाल सिंह ने कहा कि यह उनका कर्तव्य है कि वे बच्चों को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रशिक्षित करें। उन्होंने युवाओं से देश सेवा के लिए सेना में शामिल होने का आह्वान किया। इससे ही देश सेवा का जज्बा आएगा और युवा पीढ़ी नशे से दूर जा सकेगी।
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संगरूर के जसपाल सिंह बने लेफ्टिनेंट: धूरी के देशभक्ति कॉलेज में हैं प्रोफेसर, परिजनों ने गांव पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत – Sangrur News
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