रायगढ़ कार्बन प्लांट हादसा…साथ निकली बाप-बेटी की अर्थी:  बुजुर्ग पिता बेटा-पोते के शव के पास बैठा रहा,बिलख-बिलखकर रोती रही बहू;1 दिन पहले पोती को दफनाया – Chhattisgarh News

रायगढ़ कार्बन प्लांट हादसा…साथ निकली बाप-बेटी की अर्थी: बुजुर्ग पिता बेटा-पोते के शव के पास बैठा रहा,बिलख-बिलखकर रोती रही बहू;1 दिन पहले पोती को दफनाया – Chhattisgarh News


मंगल कार्बन प्लांट में हुए हादसे में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के मंगल कार्बन प्लांट में हुए हादसे ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया। इस घटना में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई। जिनमें पिता, बेटा और 9 माह की मासूम बच्ची शामिल हैं। परिवार ने एक दिन पहले ही 9 माह की बच्ची को दफनाय

.

लेकिन अगले ही दिन हादसे में झुलसे पिता और बेटे की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। गुरुवार को साहेबलाल खड़िया (46) और उनके बेटे शिव खड़िया (27 ) का शव रजघट्टा गांव स्थित घर लाया गया। जहां पहले से ही परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और ग्रामीणों मौजूद थे।

हर आंख नम थी और माहौल गमगीन था। दोनों शवों को घर के आंगन में रखा गया, जिन्हें सफेद कफन से ढंका गया था। साहेबलाल के पिता कुंजराम खड़िया (70) अपने बेटे और पोते की लाश के पास बैठे रहे। पिता की आंखें नम थीं, लेकिन उम्र के कारण उनके भीतर रोने की भी ताकत नहीं बची थी।

वे कभी अपने बेटे-पोते के शव को देखते, तो कभी पास बैठी बहू आशा खड़िया को, जो बिलख-बिलखकर रो रही थी। घर के आंगन से रोने की आवाजें बाहर तक सुनाई दे रही थीं। परिजनों को रिश्तेदार लगातार ढांढस बंधा रहे थे। साहेबलाल की बेटी और शिव की बहन आरती भी एक कमरे में उदास और नम आंखों के साथ बैठी रही।

समय बीतने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की। दोपहर लगभग ढाई बजे पिता और बेटे की अर्थी एक साथ घर से निकली। ग्रामीणों ने रीतिरिवाजों के साथ दोनों को अंतिम विदाई दी।

पहले देखिए ये 4 तस्वीरें-

पिता और बेटे के शवों को घर के आंगन में रखा गया।

साहेबलाल के पिता कुंजराम खड़िया अपने बेटे और पोते की लाश के पास बैठे रहे।

साहेबलाल के पिता कुंजराम खड़िया अपने बेटे और पोते की लाश के पास बैठे रहे।

लाश के पास रोती साहेबलाल की पत्नी, शिव की मां आशा और रिश्तेदार महिलाएं।

लाश के पास रोती साहेबलाल की पत्नी, शिव की मां आशा और रिश्तेदार महिलाएं।

गुरुवार दोपहर लगभग ढाई बजे पिता और बेटे की अर्थी एक साथ घर से निकली।

गुरुवार दोपहर लगभग ढाई बजे पिता और बेटे की अर्थी एक साथ घर से निकली।

पहले 9 माह की मासूम की हुई थी मौत

गुरुवार को जहां परिवार से एक साथ दो अर्थियां उठीं, वहीं इससे ठीक एक दिन पहले परिवार की सबसे छोटी बच्ची भूमि (9 माह) का शव घर पहुंचा था।

मंगल कार्बन प्लांट हादसे में वह बुरी तरह झुलस गई थी। मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी, जिसके बाद बुधवार को शव गांव लाया गया और परंपरा के अनुसार उसे दफनाया गया।

अब परिवार में कमाने वाला कोई नहीं बचा

पड़ोस में रहने वाली ताराबाई ने बताया कि कुंजराम खड़िया के परिवार में उनका बेटा साहेबलाल खड़िया, बहू आशा खड़िया, पोता शिव खड़िया, शिव की पत्नी उदासिनी खड़िया, शिव की बहन आरती और शिव के तीन बच्चे साथ रहते थे।

हालांकि, उदासिनी खड़िया का इलाज अभी अस्पताल में जारी है। ऐसे में अब परिवार में कोई भी कमाने वाला सदस्य नहीं बचा है।

घटना के दिन सारंगढ़ गया था बुजुर्ग पिता

कुंजराम खड़िया ने नम आंखों और धीमी आवाज में बताया कि वे सारंगढ़ में किसी परिचित की शादी में शामिल होने गए थे। तभी उन्हें सूचना मिली कि मंगल कार्बन प्लांट में हादसा हो गया है और उनके बेटे, पोते समेत कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था।

पहले भी प्लांट से जुड़ी घटना में गई थी एक जान

साहेबलाल की बेटी आरती ने बताया कि इससे पहले भी मंगल कार्बन प्लांट की धूल और डस्ट के कारण शिव खड़िया की तीन वर्षीय बेटी सृष्टि की तबीयत बिगड़ गई थी। वह अक्सर अपने माता-पिता के साथ प्लांट जाती थी।

परिजनों किया था चक्काजाम

गुरुवार को परिजन मृतकों के शव रखकर NH-49 पर सुबह 10 बजे चक्काजाम कर दिया। 4 घंटे तक दोनों तरफ गाड़ियों की कतार लगी रहीं। 50 लाख रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे थे। अफसरों के आश्वासन के बाद चक्काजाम खत्म किया।

रायगढ़ में मृतकों के शव रखकर परिजनों ने एनएच-49 जाम किया था।

रायगढ़ में मृतकों के शव रखकर परिजनों ने एनएच-49 जाम किया था।

भाई और नर्स बेटी के शव को दिखाने मां को लेकर आए।

भाई और नर्स बेटी के शव को दिखाने मां को लेकर आए।

महिला ने अपनी 9 महीने की दूधमुंही बच्ची और पति को खो दिया।

महिला ने अपनी 9 महीने की दूधमुंही बच्ची और पति को खो दिया।

बेटी के शव से लिपटकर रोते दिखी मां। भाई ने की संभालने की कोशिश।

बेटी के शव से लिपटकर रोते दिखी मां। भाई ने की संभालने की कोशिश।

परिजन की प्रमुख मांगें:

  • प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹50 लाख मुआवजा
  • परिवार के एक सदस्य को सरकारी/स्थायी नौकरी
  • घायलों के इलाज का खर्च कंपनी वहन करे
  • प्लांट प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई
  • न्यायिक/उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए
  • पीड़ित परिवारों को सुरक्षा प्रदान की जाए

3 महीने पहले भी खो दी थी एक बेटी

परिजनों ने बताया कि तीन महीने पहले 3 साल की बच्ची सृष्टि की भी मौत हो चुकी थी। रिश्तेदारों के अनुसार, मजदूरी के दौरान उदासिनी अपनी दोनों बच्चियों को प्लांट परिसर में ही रखती थी और वहीं काम करती थी।

काम में व्यस्त रहने के कारण बच्ची प्लांट में धूल-मिट्टी खा ली थी, जिससे बच्ची की तबीयत बिगड़ी और खून की उल्टियां होने लगी। लेकिन इलाज के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

कई परिजन झुलसे, वेंटिलेटर पर जिंदगी से जंग

परिवार के सदस्य समयलाल खड़िया ने बताया कि हादसे में बड़ा भाई साहेबलाल खड़िया, भतीजा शिव खड़िया, बहू उदासिनी 2 साल से प्लांट में काम कर रहे थे। बच्ची को अपने साथ ले जाते थे। घटना वाले दिन भी बच्ची को लेटाकर सभी काम कर रहे थे।

जिस दिन हादसा हुआ पहले उन्हें खरसिया के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर रायपुर रेफर किया गया। इस दौरान प्लांट के फर्नेस में आग का तेज प्रेशर बाहर निकला और 8 लोग झुलस गए।

केस वापस लेने का दबाव

परिजनों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन की ओर से केस वापस लेने और बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि प्लांट में टायर जलाकर तेल निकाला जाता था और सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। अचानक ब्लास्ट होने से यह हादसा हुआ, जिसमें कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।

वर्कर सेफ्टी का ध्यान नहीं रखा गया

उदासिनी के भाई सूरज किसान ने बताया कि 9 महीने की भांजी और जीजा की मौत हो गई। बहन अस्पताल में भर्ती है और उसका रो-रोकर बुरा हाल है। काम के दौरान सुरक्षा गाइडलाइन का पालन नहीं किया जाता था। इस वजह से ये हादसा हुआ है।

सूरज ने बताया कि बहन के चार बच्चों में से अब दो की मौत हो चुकी है, जबकि एक बेटा और एक बेटी घर पर हैं।

हादसे से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए…

प्लांट में हादसे वाली जगह से जेसीबी के जरिए मशीनों को हटाया गया।

प्लांट में हादसे वाली जगह से जेसीबी के जरिए मशीनों को हटाया गया।

मंगल कार्बन प्लांट में टायर गलाने के दौरान जोरदार ब्लास्ट हो गया था।

मंगल कार्बन प्लांट में टायर गलाने के दौरान जोरदार ब्लास्ट हो गया था।

रायगढ़ में प्लांट खरसिया के बानीपाथर इलाके में स्थित है।

रायगढ़ में प्लांट खरसिया के बानीपाथर इलाके में स्थित है।

रायगढ़ के टायर प्लांट में ब्लास्ट होने से झुलसे मजदूर।

रायगढ़ के टायर प्लांट में ब्लास्ट होने से झुलसे मजदूर।

जानिए क्या था पूरा मामला?

दरअसल, 5 फरवरी को खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर स्थित मंगल कार्बन प्लांट में काम के दौरान बड़ा हादसा हुआ था। फर्नेस को खोलते ही आग का तेज प्रेशर बाहर निकला और पास में काम कर रहे 8 मजदूर उसकी चपेट में आ गए।

इस प्लांट में पुराने टायर पिघलाकर काला तेल निकाला जाता है, जो रोड बनाने के काम आता है। आरोप है कि फर्नेस को ठंडा किए बिना खोला गया। मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए। इसी लापरवाही की वजह से यह भयावह हादसा हुआ।

भूमि खड़िया (9 माह) 80-90% झुलस गई थी। इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

भूमि खड़िया (9 माह) 80-90% झुलस गई थी। इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

एक ही परिवार के 4 लोग झुलसे थे

इस घटना में एक ही परिवार के चार लोग आग की चपेट में आए थे। साहेब लाल खड़िया (46) 80-90%, शिव खड़िया (27) 80-90%, उदासिनी खड़िया (25) 30-40% और भूमि खड़िया (9 माह) 80-90% झुलस गई थी। बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मां उसे अपने साथ प्लांट में ले जाती थी। पति शिव खड़िया की मंगलवार देर रात मौत हुई है।

बुधवार दोपहर ससुर ने भी दम तोड़ दिया है। बाकी घायलों की हालत भी नाजुक बनी हुई है। कौशल पटेल 70-80%, इंदीवर 80-90% और प्रिया सारथी 70-80% झुलसी है। सभी का इलाज रायपुर में जारी है।

गंभीर रूप से घायल मजदूरों का रायपुर के अस्पताल में इलाज जारी है।

गंभीर रूप से घायल मजदूरों का रायपुर के अस्पताल में इलाज जारी है।

FIR वापस लेने का दबाव- परिजन

परिजनों के अनुसार, हादसे के बाद प्लांट प्रबंधन के खिलाफ खरसिया थाने में FIR दर्ज की गई थी। अब प्रबंधन की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि, वे शिकायत वापस लें और बयान बदल दें।

मुआवजा और निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़ित परिवारों की मांग है कि, मृत बच्ची के परिजनों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए। सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च प्लांट प्रबंधन से वसूला जाए। FIR वापस लेने के दबाव की निष्पक्ष जांच हो। दोषी प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।

………………………….

इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए…

रायगढ़ के टायर प्लांट में ब्लास्ट…8 मजदूर 80% तक झुलसे:9 महीने की मासूम भी जख्मी, हालत नाजुक, टायर गलाने के दौरान हुआ विस्फोट

डॉक्टरों के अनुसार, कई मरीज 70 से 80 प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं, जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

डॉक्टरों के अनुसार, कई मरीज 70 से 80 प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं, जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया स्थित मंगल कार्बन प्लांट में टायर गलाने के दौरान जोरदार ब्लास्ट हो गया। जिसकी चपेट में आने से 8 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में एक 9 महीने की मासूम भी शामिल है। घटना खरसिया थाना इलाके के बानीपाथर की है। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

Related Post

आज का मौषम
Live Cricket
आज का राशिफल
लाइव शेयर मार्केट