- Hindi News
- Opinion
- Pt. Vijayshankar Mehta’s Column If You Stay Connected With Hanumanji, You Will Be Able To Fly Great Distances
4 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
पं. विजयशंकर मेहता
दुनिया में जब भी उड़ान की बात आएगी, हनुमान जी याद आएंगे। निर्दोष, समयबद्ध, सफलता के साथ उड़ने की कला जैसी हनुमान जी के पास है, वैसी किसी के पास नहीं। उन्होंने एक बहुत महत्वपूर्ण उड़ान उड़ी थी लंका की ओर। जितनी सफलता से गए थे, उतनी सफलता से लौटे।
इसकी कहानी रामायण के सुंदरकांड में है। हनुमान जी को उड़ता देख रावण बहुत चिंतित हुआ था। हनुमान जी की उड़ानों में सबसे ज्यादा परेशान करने वाली वो थी, जिसमें वे मूर्च्छित लक्ष्मण के लिए औषधि लाए। बाधाएं हनुमान जी को उड़ते समय हर बार आईं, लेकिन उनका कभी ऑपरेशनल ब्रेकडाउन नहीं हुआ।
आसमान में उड़ान भरते समय गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचने के अलावा जान का जोखिम, अस्तित्व की रक्षा, प्रतिस्पर्धा का भी बड़ा खतरा रहता है। जो लोग उड़ान के प्रति लापरवाह हैं, वो कीमत बड़ी चुकाएंगे। हमारी युवा पीढ़ी अब चलने, दौड़ने से ऊपर निकल चुकी है। अब उड़ान ही भरनी है। यदि हनुमान जी से जुड़े रहें तो शानदार उड़ान भर सकेंगे।