पटना में सियासी हलचल के बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की देर रात गिरफ्तारी ने राजनीति गरमा दी है। पटना पुलिस ने उन्हें 31 साल पुराने एक मामले में कोर्ट के आदेश के बाद गिरफ्तार किया है।
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यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है, जब पटना में NEET छात्रा के रेप के बाद हत्या का मामला तूल पकड़ चुका है और पप्पू यादव इस केस को लेकर सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोले हुए थे।
NEET छात्रा मामले को लेकर पप्पू यादव लगातार सरकार और प्रशासन को घेर रहे थे। उन्होंने अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों के कथित ऑडियो क्लिप भी जारी किए थे, जिनमें इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए गए थे।
इसी मामले में पप्पू यादव ने बिहार के हॉस्टलों में रह रही छात्राओं के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया था। वे पटना से जहानाबाद तक हुए विरोध प्रदर्शनों में खुद शामिल भी रहे।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया था कि इस मामले में एक मंत्री के बेटे की भूमिका है, इसी वजह से सरकार अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
ऐसे में सवाल उठता है कि NEET छात्रा मौत मामले में सरकार को घेरने को लेकर उनकी गिरफ्तारी हुई? NEET छात्रा मौत केस में पप्पू यादव क्यों बने सबसे मुखर चेहरा? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
पहले जानिए पटना में गर्ल्स हॉस्टल को लेकर पप्पू यादव का बयान
नीट छात्रा मौत मामले में कुछ दिन पहले पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल के संचालक मनीष कुमार रंजन पहले से ही पटना में सेक्स रैकेट चला रहा था।
पप्पू यादव का आरोप था कि हॉस्टल संचालक कई बड़े नेताओं और अधिकारियों को लड़कियों की सप्लाई करता था। उन्होंने सवाल उठाया कि उसकी गतिविधियों की गहन जांच क्यों नहीं की जा रही है।
सांसद ने यह भी कहा था कि आरोपी के मोबाइल फोन और लोकेशन डेटा की जांच अब तक ठीक से नहीं हुई है। पप्पू यादव ने दावा किया था कि रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक महंगी गाड़ियां इन गर्ल्स हॉस्टलों के बाहर आती-जाती रहती थीं, लेकिन इस पर भी प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
पुलिस साजिशन मनीष रंजन को रिमांड पर नहीं ले रही- पप्पू यादव
नीट छात्रा मौत मामले में पप्पू यादव ने अस्पताल और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। सांसद का दावा है कि प्रभात मेमोरियल अस्पताल के एक डॉक्टर से उनकी बातचीत हुई थी, जिसमें डॉक्टर ने बताया कि इलाज के दौरान छात्रा को होश आया था, लेकिन इसके बावजूद उसे जबरन वेंटिलेटर पर डाल दिया गया।
पप्पू यादव का आरोप है कि इस दौरान परिवार के सदस्यों को मनीष रंजन के गार्ड ने उलझाकर रखा। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पप्पू यादव ने कहा कि पुलिस साजिश के तहत मनीष रंजन को रिमांड पर नहीं ले रही है, जिससे पूरे मामले की गहराई से जांच नहीं हो पा रही है।

सांसद ने प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के नर्स से बात की
पप्पू यादव का दावा है कि प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के एक डॉक्टर से उनकी बातचीत हुई थी। डॉक्टर के मुताबिक, इलाज के दौरान छात्रा होश में आई थी, लेकिन इसके बावजूद उसे जबरन वेंटिलेटर पर डाल दिया गया।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि इस दौरान परिवार के सदस्यों को हॉस्टल संचालक मनीष रंजन के गार्ड ने उलझाकर रखा, ताकि वे छात्रा से ठीक से मिल न सकें।
नर्स का वीडियो और नए दावे
पप्पू यादव ने अस्पताल में काम करने वाली एक महिला नर्स से करीब 13 मिनट की बातचीत का वीडियो भी सार्वजनिक किया है। वीडियो में नर्स का दावा है कि छात्रा ने इशारों में अपनी मां को बताया था कि उसके साथ गलत हुआ है।
नर्स के अनुसार, अस्पताल में एक महिला छात्रा की मां से मिलने आई थी और इलाज का पूरा खर्च उठाने की पेशकश की थी, जिस पर मां ने कहा, “हमें पैसे नहीं, बेटी चाहिए।”
पप्पू यादव को नर्स ने बताया-
छात्रा को जब हॉस्पिटल लाया गया तब वो बेहोश थी। प्राइवेट पार्ट में ब्लड था, झाग था जैसे स्पर्म हो। उसे देखकर ही लग रहा था कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है। लेडी डॉक्टर ने भी कहा था कि इसने अबॉर्शन कराया है या करवाया गया है।


NEET छात्रा की मौत के बाद जहानाबाद में पप्पू यादव ने पैदल मार्च निकाला।
‘मेरे पास कई मंत्री की रिपोर्ट है, पोल खोलूंगा’
नर्स से हुई बातचीत से पहले जानिए पप्पू यादव ने किस तरह से एकबार फिर सरकार को घेरा है। शुक्रवार को फेसबुक लाइव आकर सांसद ने कहा, ‘सरकार महिलाओं को महिला रोजगार योजना के तहत 2 लाख रुपए का लोन दे रही है। मेरा सवाल है कि जब बेटी बचेगी नहीं, उसका चीर हरण होता रहेगा, हॉस्टल मालिक बेटी को नेताओं को घर परोसते रहेंगे तो हम 2 लाख रुपए का कर्ज किसको देंगे।’
पूर्णिया सांसद ने पूरे मामले की CBI जांच की मांग फिर दोहराई है। साथ ही हॉस्टल को लेकर एक्ट लाने की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘महिलाओं की आड़ में सबसे ज्यादा शोषण होता है। मेरे पास कई नेता मंत्री की खबर, एक एक दिन सब की पोल खोलूंगा।’

NEET छात्रा की मौत के बाद पप्पू यादव ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने सरकार और प्रशासन पर कई गंभीर सवाल खड़े किए।
पप्पू यादव ने इस मामले में कई सवाल उठाए
- पहलाः हॉस्टल का मालिक मनीष रंजन ने कहा कि वो देहरादून में थे, यहां नहीं थे। उसने झूठ बोला, जबकि वो पटना में ही था।
- दूसराः प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल की नर्स ने मुझे बताया कि शाम में उसे प्रभात हॉस्पिटल लाया गया। बच्ची को 6 जनवरी को बेहोश लाया गया, 8 को होश आया। 6 को घटना हुई, 9 तक FIR नहीं करते है। कौन-कौन दोषी है।
- तीसराः दो बड़ी एजेंसी CID और SIT काम कर रही है। इनको कुछ पता ही नहीं चल रहा है। किसने रेप किया। जबकि हॉस्पिटल में सबको पता चल गया कि बच्ची के साथ गलत हुआ है।
- चौथाः पटना पुलिस बस लड़की के परिवार को तंग कर रही है। जब सब का DNA ले लिया, तो अब तो पता चल गया होगा, परिवार के किन लोगों ने गलत किया। अगर नहीं पता चला तो अब परिवार को परेशान क्यों कर रहे है।
- पांचवांः 18 दिन के बाद डिप्टी सीएम विजय सिन्हा उस लड़की के घर जाते है।वो भी तब जाते है, जब उनको पता चलता है, कि उनके समाज के लोग हैं। कई लोगों के कहने पर वो जाते हैं।
- छठाः मेरा अंतिम सवाल ये है कि वो बची मारी कैसी। क्या हम सही ट्रीटमेंट नहीं पाए, क्या गलत इलाज कर दिया।

NEET छात्रा के परिवार को मारने के लिए UP के बदमाशों को 7 करोड़ की सुपारी
नीट छात्रा मौत मामले में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने इससे पहले भी बेहद गंभीर दावे किए थे। सांसद का आरोप है कि हॉस्टल और अस्पताल के मालिकों ने मिलकर चंदा इकट्ठा किया और उसी पैसे से सुपारी दी गई।
पप्पू यादव के मुताबिक, मनीष रंजन और दो डॉक्टरों की देखरेख में करीब 7 करोड़ रुपये की वसूली की गई और यूपी के बदमाशों को हायर किया गया।
सांसद ने यह भी आशंका जताई कि पुलिस पीड़ित परिवार को किसी झूठे मामले में फंसा सकती है या उनकी हत्या कराई जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि यह आशंका खुद पीड़िता की मां ने फोन पर व्यक्त की है।
पप्पू यादव ने कहा कि घटना अभिषेक रंजन के लॉज में हुई, इसके बावजूद अब तक उसे रिमांड पर नहीं लिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एसआईटी और सीआईडी किस दबाव में कार्रवाई से बच रही हैं।
सांसद ने मांग की कि अभिषेक रंजन की संपत्ति की गहन जांच होनी चाहिए और यह भी सामने आना चाहिए कि उसमें किन-किन नेताओं का पैसा लगा हुआ है।

नर्स ने पप्पू यादाव को बताया कि होश आते ही छात्रा कोमा में चली गई थी।
संसद के बाहर पोस्टर लेकर पहुंचे सांसद
नीट छात्रा की मौत का मामला आज संसद तक पहुंच गया। पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव हाथों में पोस्टर लेकर संसद पहुंचे। पोस्टर पर लिखा था, “CBI जांच करानी होगी। जांच के नाम पर बड़ी मछली को बचाना बंद करो। असल गुनहगार को सामने लाओ। पटना के सेक्स रैकेट गठबंधन से मुक्ति देनी होगी।”
पप्पू यादव ने इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और मामले की सीबीआई जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि जांच के नाम पर प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है, जबकि पीड़िता को अब तक न्याय नहीं मिला है।

संसद के बाहर पोस्टर के साथ पप्पू यादव
सड़क से प्रदर्शन तक इस मामले को लेकर पप्पू यादव ने पटना से जहानाबाद तक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने बिहार के हॉस्टलों में रहने वाली छात्राओं के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया और दावा किया कि वे पीड़ितों की आवाज बनकर लड़ाई लड़ते रहेंगे।
फिलहाल, मामले की जांच जारी है। पप्पू यादव के आरोपों ने प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि पुलिस की ओर से सभी दावों की जांच किए जाने की बात कही जा रही है।

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सांसद पप्पू यादव को शनिवार सुबह पटना पुलिस IGIMS से लेकर PMCH पहुंची है। गिरफ्तारी के दौरान चोट लगने के कारण उनके सिर में दर्द है, साथ ही धड़कन बढ़ने से उन्हें तकलीफ हो रही है।
पटना पुलिस ने पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात 12 बजे गिरफ्तार किया है। 31 साल पुराने केस में पटना की विशेष अदालत ने पप्पू यादव समेत 3 आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। पूरी खबर पढ़ें…



