राजस्थान एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा- हमने संगठन में कुछ नियुक्तियां की थी। उन नियुक्तियों को शीर्ष नेतृत्व द्वारा होल्ड पर रखा हुआ है। जैसे ही हमें ऊपर से आदेश मिलते हैं तो हम नियुक्तियां रिलीज कर देंगे। साथ ही शीर्ष नेतृत्व ने जो जवाब मांगा था हमने उसका जवाब भी दे दिया है। हमने पूरे अनुशासन की पालना की है और संगठन के कॉन्स्टिट्यूशन के अनुरूप काम किया है। हम एनएसयूआई संगठन को मजबूत करने के लिए राजस्थान के सभी कैंपस में घूम रहे हैं और छात्रों से संपर्क कर रहे हैं। छात्रों की समस्याएं जान रहे हैं और उनका निवारण भी कर रहे हैं। जाखड़ ने कहा- लंबे समय संगठन में नियुक्तियां लंबित थी और हमें अप्रूवल नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद हमने शीर्ष नेतृत्व से बात की तो उन्होंने यही कहा कि आप कुछ समय बाद नियुक्तियां निकाल सकते हैं। लेकिन कुछ नियुक्तियां ऐसी थी जो बहुत ही जरूरी थी, इसलिए हमने नियुक्तियां जारी कर दी। अब शीर्ष नेतृत्व ने उन नियुक्तियों को रोक दिया है। जैसा शीर्ष नेतृत्व का फैसला है, हमने उसको स्वीकार किया है। शीर्ष नेतृत्व के आदेश की पालना करेंगे। विनोद जाखड़ ने यह बात रविवार रात को 11:30 बजे श्रीगंगानगर के सर्किट हाउस में दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए कही। दरअसल, कुछ दिन पहले विनोद जाखड़ को राजस्थान में बिना शीर्ष नेतृत्व की अनुमति के संगठन में नियुक्तियां जारी करने पर नोटिस जारी किया गया था। संगठन के राष्ट्रीय सचिव और राजस्थान प्रभारी अखिलेश यादव ने नोटिस जारी कर जाखड़ से जवाब मांगा था। पत्र में कहा गया था- प्रभारी की जानकारी और हस्ताक्षर के बिना किसी भी तरह का नियुक्ति-पत्र मान्य नहीं होगा। इसके बावजूद प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने 22 जनवरी को कुछ पदों पर नियुक्ति-पत्र जारी कर दिए, जो संगठन के नियमों और निर्देशों का उल्लंघन है। यही नहीं, नोटिस का जवाब नहीं देने पर एनएसयूआई ने विनोद जाखड़ को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाने की चेतावनी भी दी थी। जिसके बाद इस मामले में अब जाखड़ ने सफाई दी है। वहीं, विनोद जाखड़ ने छात्र संघ चुनाव पर बोलते हुए कहा- छात्र संघ चुनाव बहुत जरूरी है। आज हम देख रहे हैं कि राजस्थान में चुनाव बंद होने से बहुत सारे छात्र-छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। आज कैंपस में ऐसी स्थितियां पैदा हो गई है कि वहां के वॉइस चांसलर, प्रिंसिपल पूरी तरह से तानाशाही कर रहे हैं। इस तानाशाही के कारण छात्र-छात्राओं को बहुत नुकसान हो रहा है। इसलिए राजस्थान में जल्द से जल्द छात्र संघ चुनाव करवाए जाने चाहिए।
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NSUI-प्रदेशाध्यक्ष बोले- अप्रूवल नहीं मिल रहा था, इसलिए नियुक्तियां की: कहा- पद से हटाने के नोटिस का जवाब दे दिया है, कॉलेजों के वॉइस चांसलर-प्रिंसिपल तानाशाही कर रहे – Sriganganagar News
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