राज्य शासन ने मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय (एमवीएम) सहित तीन सरकारी कॉलेजों के छात्रों को हॉस्टल से बाहर करने की तैयारी कर ली है। उच्च शिक्षा विभाग, एमवीएम के गोपाल कृष्ण गोखले हॉस्टल को संस्कृति विभाग के अधीन वीर भारत न्यास को सौंपने जा रहा है। इस स
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शासन का पत्र मिलने के बाद एमवीएम की प्राचार्य डॉ. गीता मोदी ने मंगलवार को स्टाफ काउंसिल की बैठक बुलाई। करीब दो घंटे चली इस बैठक में लगभग 65 प्रोफेसर मौजूद रहे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राज्य शासन को पत्र लिखकर इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की जाए।
एमवीएम के पास अब केवल एक ही हॉस्टल प्रोफेसर्स ने बताया कि वर्तमान में एमवीएम के पास केवल एक ही हॉस्टल बचा है, जिसमें एमवीएम के अलावा शासकीय हमीदिया कॉलेज और शासकीय नवीन कॉलेज के 50 से अधिक छात्र रह रहे हैं। इस हॉस्टल की मासिक फीस मात्र 800 रुपये है और भोजन की व्यवस्था छात्र स्वयं करते हैं। गोखले हॉस्टल के हस्तांतरण से इन छात्रों के सामने गंभीर आवासीय संकट खड़ा हो जाएगा।
- वैकल्पिक व्यवस्था का प्रस्ताव 29 तक मांगा- उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज को बताया है कि वर्तमान में संचालित गोखले हॉस्टल को संस्कृति विभाग के वीर भारत न्यास को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। शासन ने निर्देश दिए हैं कि छात्रों को किसी स्थानांतरित करें। इसके लिए 29 दिसंबर तक का समय मांगा है।
- प्रोफेसर्स की चिंता, छात्र संख्या घटेगी- स्टाफ काउंसिल की बैठक में प्रोफेसर्स ने चिंता जताई कि हॉस्टल में मुख्यतः ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र अध्ययन करते हैं। यदि उनसे यह सुविधा छीनी गई तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। साथ ही कॉलेज की नैक ग्रेडिंग में सुधार की संभावनाएं भी खत्म हो जाएंगी। छात्र भी घटेंगे।
जमीन बांटने से संस्थान को खतरा
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि लाइब्रेरी के पीछे की जमीन पहले ही एमपी टूरिज्म को सौंपी जा चुकी है। उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक कार्यालय के लिए भी कॉलेज परिसर की जमीन दी गई है। तालाब किनारे बनी सड़क में कॉलेज की जमीन चली गई, एनसीसी को भवन दिया गया। प्रोफेसर्स ने चेतावनी दी कि यदि यह सिलसिला नहीं रुका तो भविष्य में यह शैक्षणिक संस्थान बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएगा।
एक लाइन में 3 हॉस्टल थे, एक भी नहीं बचेगा छोटे तालाब किनारे एमवीएम के दो हॉस्टल (गोपाल कृष्ण गोखले हॉस्टल और मदन मोहन मालवीय हॉस्टल)हैं। मालवीय हॉस्टल में वर्तमान में शासकीय नवीन कॉलेज संचालित हो रहा है। गोखले हॉस्टल में पहले शासकीय श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज (बेनजीर कॉलेज) चलता था, लेकिन कॉलेज के कोलार स्थानांतरित होने के बाद यह हॉस्टल एमवीएम को वापस मिल गया था। इसे भी अन्य संस्थान को देने की तैयारी है।
शासन को बताएंगे गोखले हॉस्टल को लेकर शासन से प्राप्त पत्र के संबंध में स्टॉफ काउंसिल की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में लिए गए निर्णय से राज्य शासन को अवगत कराया जाएगा। – डॉ. गीता मोदी, प्राचार्य, एमवीएम



