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नई दिल्ली11 मिनट पहले
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पेपर लीक के आरोपों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। 22.79 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी। NTA ने कहा कि अब परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। नई तारीख बाद में जारी की जाएगी।
उधर, केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंप दी है। एजेंसी ने मामले में एफआईआर दर्ज की है। NTA ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया। उधर, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से दिल्ली में इस मामले में मीडिया ने सवाल पूछा तो वह बिना कुछ बोले निकल गए।

केरलम से सीकर पहुंचा क्वेश्चन बैंक, टाइमलाइम से समझें
NEET का पेपर ‘क्वेश्चन बैंक’के जरिए लीक किया गया। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। ये सभी हाथ से लिखे गए और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही थी।
- 1 मई: केरलम के कॉलेज में MBBS कर रहे चूरू के एक लड़के ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर में अपने दोस्त को भेजा।
- 2 मई: यह ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर के एक पीजी संचालक को मिला। उसने इसे अपने यहां रहने वाले छात्रों को दे दिया। उनके माध्यम से यह अन्य छात्रों और करियर काउंसलर्स तक पहुंचा और फिर छात्रों के बीच बंटता चला गया।
- 3 मई: परीक्षा होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने उद्योग नगर थाने और एनटीए को यह शिकायत दी थी कि एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ बड़ी संख्या में छात्रों को मिला है।
- 6-7 मई: आंसर-की और परीक्षा से जुड़ी चर्चाएं ऑनलाइन सामने आने के बाद छात्रों और कोचिंग सेंटर्स में एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ को लेकर चर्चा शुरू हुई, जो कथित तौर पर असली परीक्षा से काफी मिलता-जुलता था।
- 7 मई: NTA ने पुष्टि की कि उसे परीक्षा के 4 दिन बाद, यानी 7 मई को कथित गड़बड़ियों से जुड़े इनपुट मिले थे। एजेंसी ने बताया कि यह मामला राजस्थान और उत्तराखंड से सामने आया।
- 8 मई: NTA ने जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी।
- 10 मई: राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कहा कि उसने नीट पेपर लीक मामले की जांच शुरू कर दी है। 12 मई तक सीकर और आसपास के इलाकों से 13 लोगों को अरेस्ट किया।
एक ही हैंडराइटिंग में लिखे 300+ सवाल, 150 परीक्षा में आए

‘क्वेश्चन बैंक’ हाथ से लिखे गए हैं और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही है।
‘क्वेश्चन बैंक’ में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। इसमें से 150 सवाल हूबहू NEET के पेपर में आए। पेपर में कुल 180 सवाल हल करने होते हैं और प्रत्येक सवाल 4 अंक का होता है। यानी 720 में से 600 नंबर के सवाल सीधे ‘क्वेश्चन बैंक’ से आए।
एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी विशेष क्वेश्चन बैंक से परीक्षा में कुछ सवाल हूबहू आने की संभावना रहती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रश्न आने की संभावना आमतौर पर नहीं होती।
कितने छात्रों को ‘क्वेश्चन बैंक’ मिला यह तय नहीं
अब तक यह आंकड़ा तो सामने नहीं आया है कि कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ कितने छात्रों तक पहुंचा, लेकिन यह संख्या बड़ी होने की आशंका है। दरअसल, जिन लोगों को ये वॉट्सएप पर यह मिला, उसमें मैसेज के साथ ‘फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स’ लिखा आ रहा है।
अब इसके तार केरल, राजस्थान, महाराष्ट्र तक जुड़ रहे हैं। नासिक पुलिस ने बताया कि नीट पेपर लीक मामले में यहां युवक को हिरासत में लिया गया है। राजस्थान पुलिस की एक टीम यहां पहुंचने वाली है। इस बीच, सूत्रों ने दावा किया है कि आरोपी फिलहाल BAMS की पढ़ाई कर रहा है। इसके अलावा, पता चला है कि वह एक मेडिकल काउंसलिंग एजेंसी भी चलाता है।

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने 8 मई को सीकर में कंसल्टेंसी सेंटर चलाने वाले राकेश मंडवरिया सहित 3 को अरेस्ट किया था।
मामले पर किसने क्या कहा…
राहुल बोले- पीएम का अमृतकाल, विषकार बन गया

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल: पेपर लीक मामलों में राजनीतिक संरक्षण है और पिछले नौ साल में NEET का पेपर चार बार लीक हुआ, लेकिन किसी भी आरोपी को सजा नहीं मिली। पेपर लीक यूं ही नहीं होता, इसमें ऊपर तक के लोगों की मिलीभगत होती है।
राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत: NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी। 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
ALLEN CEO नितिन कुकरेजा: NEET को भी JEE की तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में बदल देना चाहिए। पेन-एंड-पेपर मोड में पेपर लीक होने का खतरा ज्यादा रहता है, जबकि कंप्यूटर आधारित परीक्षा ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी होती है।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA): देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक को आयोजित करने वाले सिस्टम में गंभीर खामियां हैं। मामले की समय पर जांच हो और जिम्मेदारी तय की जाए।
2024 में भी हुआ था पेपर लीक, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था
2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक के चलते कुछ सेंटर्स पर रद्द कर दी गई थी। परीक्षा 5 मई 2024 को हुई थी। 6 मई को NTA ने पेपर लीक की बात से इनकार किया था। इसके बाद बिहार (पटना) और झारखंड (हजारीबाग) में जांच हुई। जांच में पेपर लीक के सबूत मिले और कई गिरफ्तारियां भी हुईं थीं।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था और कुछ सेंटर पर 1539 कैंडिडेट्स की दोबारा परीक्षा हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के अलावा, 67 छात्रों को 720/720 अंक मिलना और एक ही केंद्र से कई टॉपर्स का आना भी बड़े विवाद का कारण बना था।
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