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मुर्शिदाबाद/कोलकाता4 मिनट पहले
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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले समेत आसपास का इलाका आज हाई अलर्ट पर है। वजह ये है कि भरतपुर विधायक और पूर्व TMC नेता हुमायूं कबीर ने बेलडांगा कस्बे के ब्लॉक-1 में अयोध्या में ढहाए विवादित ढांचे जैसी मस्जिद के शिलान्यास की घोषणा की है। 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में ढांचा ढहाया गया था।
कोलकाता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले दखल से इनकार किया। साथ ही कहा- कार्यक्रम के दौरान शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शुक्रवार को प्रशासन ने कबीर की टीम के साथ बैठक की।
विधायक हुमायूं ने कहा कि पूरा कार्यक्रम प्रशासनिक गाइडलाइनों के मुताबिक ही किया जाएगा। वहीं प्रशासन ने बेलडांगा और रानीनगर थाने के इलाके में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की 19 टीमें, रैपिड एक्शन फोर्स, बीएसएफ, स्थानीय पुलिस की कई टीमों समेत 3 हजार से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं।
हुमायूं ने बताया कार्यक्रम में सऊदी अरब से धार्मिक नेता आ रहे हैं। 25 बीघा में कार्यक्रम होना है। 150 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा स्टेज तैयार किया गया है। 400 से ज्यादा लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। 3 लाख से ज्यादा लोग इसमें जुटेंगे।
कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए 60 हजार से ज्यादा बिरयानी पैकेट तैयार कराए गए हैं। 3 हजार से ज्यादा वॉलंटियर्स व्यवस्था को संभालेंगे। कार्यक्रम स्थल NH-12 के करीब है। ट्रैफिक व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए पूरी तैयारी है।
शिलांयास कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल
- सुबह 8 बजे सऊदी से धार्मिक नेता कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे
- सुबह 10 बजे कुरान पढ़ी जाएगी
- दोपहर 12 बजे शिलान्यास
- दोपहर 2 बजे सामुदायिक भोजन
- शाम 4 बजे मैदान खाली किया जाएगा
कार्यक्रम से जुड़ी 7 तस्वीरें…

बेलडांगा में जगह-जगह बाबरी मस्जिद शिलान्यास के पोस्टर लगाए गए।

बेलडांगा के कार्यक्रम के चलते मुर्शिदाबाद जिले में 3 हजार सुरक्षाबल की तैनाती की गई।

कोलकाता पुलिस की कई टीमें भी कार्यक्रम को लेकर तैनात की गई हैं।

तस्वीर बेलडांगा की है। यहां पर बाबरी शिलान्यास को लेकर लोगों की भीड़ पहुंचना जारी है।

निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर शुक्रवार को मस्जिद शिलान्यास वाली जगह पहुंचे।

बेलडांगा में 150 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा स्टेज तैयार किया गया।

हुमायूं कबीर के समर्थकों ने मुर्शिदाबाद में मस्जिद बनाने के पोस्टर लहराए।
बाबरी जैसी मस्जिद की शिलान्यास की घोषणा के बाद तारीखों में पूरा विवाद
28 नवंबर: मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में कई जगहों पर बाबरी मस्जिद के शिलान्यास के पोस्टर नजर आए। लिखा था- 6 दिसंबर को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास समारोह होगा। पोस्टर पर हुमायूं कबीर को आयोजनकर्ता बताया गया था। इसके बाद विवाद बढ़ गया था। बीजेपी ने इसका विरोध किया, वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसका समर्थन किया।
3 दिसंबर: TMC ने मामले से खुद को अलग किया। बयान में कहा कि- कबीर की इस घोषणा से पार्टी का कोई संबंध नहीं है। एक और पार्टी नेता ने कहा- हुमायूं कबीर ने यह विवाद इसलिए खड़ा किया है ताकी उन्हें रेठनगर सीट से विधानसभा चुनाव में टिकट मिल सके। हुमांयु वर्तमान में मुर्शिदाबाद की भरतपुर विधानसभा से विधायक हैं।
4 दिसंबर: मामला बढ़ता देखा TMC ने विधायक हुमायूं कबीर को सस्पेंड कर दिया। कोलकाता मेयर फिरहाद हकीम ने कहा- पार्टी सांप्रदायिक राजनीति में विश्वास नहीं करती। पार्टी एक्शन पर हुमायूं ने कहा- मैं अपने बाबरी मस्जिद वाले बयान पर कायम हूं। 22 दिसंबर को अपनी नई पार्टी की भी घोषणा करूंगा। विधानसभा चुनाव में 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारूंगा। मैं उन दोनों (TMC और भाजपा) के खिलाफ चुनाव लड़ूंगा।

25 नवंबर को TMC विधायक हुमायूं कबीर ने कहा था कि हम 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखेंगे। 3 साल में इसका निर्माण पूरा होगा।
हुमायूं ने कहा- बाबरी मस्जिद का शिलान्यास तो करूंगा
TMC से निकाले जाने के बाद हुमायूं कबीर ने कहा था- मैं 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करूंगा। यह मेरा निजी मामला है। किसी पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने मुझे पहले भी 2015 में छह साल के लिए निलंबित किया था। अब फिर, इस पर मुझे कुछ नहीं कहना। वे जो करना चाहें, करें।

बाबरी विध्वंस की टाइमलाइन (1992-2025), 6 पॉइंट्स
1992- 6 दिसंबर को अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी विवादित ढांचे को कार सेवकों ने ध्वस्त कर दिया था।
2003- आर्कियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) की रिपोर्ट में बाबरी ढांचे वाली जगह पर मंदिरनुमा संरचना मिलने का दावा किया गया। मुस्लिम पक्ष ने इसे चुनौती दी।
2010- 30 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आया, जिसमें विवादित भूमि को तीन हिस्सों में बांटने का आदेश दिया गया। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
2019- 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 2.77 एकड़ की विवादित जमीन रामलला की जन्मभूमि है। मुस्लिम पक्ष को बाबरी ढांचे के लिए 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया।
2020- 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया।
2024- 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। रामलला के गर्भगृह के दर्शन औपचारिक रूप से शुरू हुए।
6 साल बाद भी प्रस्तावित मस्जिद का निर्माण शुरू नहीं हुआ

राम मंदिर से 25 किमी दूर धन्नीपुर मस्जिद के पास बाबरी के लिए 5 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर से करीब 25 किमी दूर, अयोध्या में सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में मुस्लिम पक्ष को 5-एकड़ की वैकल्पिक जमीन आवंटित की गई थी। हालांकि, अब तक इसका निर्माण शुरू नहीं हुआ है।
इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (IICF) के अनुसार, प्रस्तावित जमीन पर मस्जिद और सामुदायिक सुविधाओं का निर्माण प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) की तरफ से मस्जिद के लेआउट प्लान को मंजूरी नहीं मिली है। यानी सरकारी विभागों ने NOC नहीं दी है।
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