बिहार सरकार में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद पहली बार पूर्णिया पहुंची मंत्री लेसी सिंह का बुधवार को भव्य स्वागत हुआ। गृह जिला पहुंचकर सबसे पहले बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की प्रतिमा पर मा
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NDA के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मंत्री लेसी सिंह का भव्य स्वागत किया। सभी पूरी तरह उत्साहित नजर आए। फूलों की बारिश के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पुष्प गुच्छ देकर मंत्री लेसी सिंह का स्वागत किया और 7वी बार मंत्री बनने पर शुभकामनाएं दी। पूरे इलाके में उत्साह और जश्न का माहौल देखने को मिला।
मंत्री लेसी सिंह सबसे पहले डीआईजी चौक पहुंची। यहां रुपौली से नव निर्वाचित विधायक कलाधर मंडल के नेतृत्व में जदयू और भाजपा जिलाध्यक्ष समेत घटक दलों के समर्थक और कार्यकर्ता पहले से सड़क किनारे खड़े होकर स्वागत के लिए इंतजार करते दिखाई दिए। उनके कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पुष्पवर्षा शुरू कर दी। नीतीश कुमार जिंदाबाद, एनडीए की एकता जिंदाबाद और मंत्री लेसी सिंह जिंदाबाद के नारे और ढोल-नगाड़ों के बीच मंत्री का जोरदार स्वागत हुआ।
पूर्णिया में मंत्री लेसी सिंह का भव्य स्वागत हुआ।
जनता ने विश्वास कर चंड बहुमत से जिताया है
लेसी सिंह ने कहा कि भोला पासवान शास्त्री व्यक्ति नहीं व्यक्तित्व हैं। वे बिहार के पहले दलित और चार बार के मुख्यमंत्री रहे। साथ ही कई बड़े पदों पर रहे। राजनीति में रहते हुए कभी उन्होंने इसका दुरुपयोग नहीं किया। सच्चाई के रास्ते पर चलते रहे। आज उनका जीवन हम लोगों के लिए एक आदर्श है। आज भोला प्रसाद शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। उनके आदर्शों को याद किया गया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की एक बार फिर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से जो जिम्मेदारी मिली है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगी।
जनता ने विश्वास कर जिस प्रचंड बहुमत से जिताया है। उस पर पूरी तरह खड़ा होने की कोशिश करेंगी। जनता ने वोट की चोट से जो ताकत दिया है, वो इसे कभी नहीं भूलेंगी। ये सम्मान उनका नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की निष्ठा और जनता के विश्वास का सम्मान है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण की सभी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर और निष्पक्ष रूप से पहुंचाना उनकी शीर्ष प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को इतने बड़े स्तर पर स्वागत करने के लिए धन्यवाद दिया।



