कूनो का चीता केपी-2 फिर बारां पहुंचा:  प्राकृतिक कॉरिडोर से आया, रातभर विचरण कर लौटा मध्य प्रदेश – Baran News

कूनो का चीता केपी-2 फिर बारां पहुंचा: प्राकृतिक कॉरिडोर से आया, रातभर विचरण कर लौटा मध्य प्रदेश – Baran News




मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से चीता केपी-2 एक बार फिर बारां जिले के जंगलों में पहुंच गया। शनिवार सुबह करीब 11 बजे बांझ आमली कंजर्वेशन रिजर्व में उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई। यह क्षेत्र कूनो से लगभग 70 किलोमीटर दूर है। सूचना मिलते ही स्थानीय वन विभाग और कूनो पार्क की टीमों ने उसकी निगरानी शुरू कर दी। चीता केपी-2 ने शनिवार रातभर बांझ आमली क्षेत्र में विचरण किया। रविवार सुबह वह खुद ही मध्यप्रदेश की सीमा की ओर लौट गया। वन विभाग के अनुसार, चीता सुरक्षित रूप से मध्य प्रदेश की सीमा में पहुंच चुका है, हालांकि उसका मूवमेंट अभी भी बारां और मध्य प्रदेश की सीमा पर बना हुआ है। कूनो से पहले भी कई बार बारां आ गए चीते
बारां के शाहाबाद, बांझ आमली और रामगढ़ कंजर्वेशन रिजर्व कूनो नेशनल पार्क से सटे हुए हैं। इस प्राकृतिक कॉरिडोर के माध्यम से वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। इसी रास्ते से पहले भी कई बार चीते बारां के जंगलों तक पहुंचे हैं। इससे पहले 27 नवंबर को भी केपी-2 रामगढ़ क्षेत्र में पहुंच गया था और लगभग 17 दिनों तक वहीं रहा था। 13 दिसंबर को कूनो की टीम ने उसे ट्रेंकुलाइज कर वापस ले जाया था। वर्तमान में उसकी मूवमेंट रामगढ़ से करीब 20 किलोमीटर दूर बांझ आमली क्षेत्र में दर्ज की गई थी। बारां जिले का बांझ आमली प्रदेश का सबसे बड़ा वनखंड माना जाता है। यह लगभग 16 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है, जिसमें से 14 हजार 621 हेक्टेयर को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित किया गया है। लगभग 146 वर्ग किलोमीटर का यह संरक्षित क्षेत्र मध्यप्रदेश सीमा से सटा हुआ है और एमपी के गोरस तिराहे से लगे जंगल से इसका कॉरिडोर जुड़ा है।



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