कोटा PWD का ऑनलाइन टेंडर बना चर्चा!:  केवल 2 घंटे खुला रहा टेंडर दस्तावेज, वित्तीय बीड खोलने के एक दिन बाद फॉर्म जमा कराने की तिथि, फिर वो भी बदली – Kota News

कोटा PWD का ऑनलाइन टेंडर बना चर्चा!: केवल 2 घंटे खुला रहा टेंडर दस्तावेज, वित्तीय बीड खोलने के एक दिन बाद फॉर्म जमा कराने की तिथि, फिर वो भी बदली – Kota News




कोटा में PWD विभाग का एक ऑनलाइन टेंडर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस टेंडर ने सरकारी निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता के दावों पार गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामगंजमंडी डिवीजन में 24 फरवरी को शाम 4 बजे प्रकाशित इस निविदा में ऐसी समय-सारणी सामने आई है। जिसे देखकर पूरी प्रक्रिया पर ‘पूर्व-नियोजित’ होने की आशंका जताई जा रही है। केवल 2 घंटे खुला रहा टेंडर दस्तावेज विभाग द्वारा रामगंजमंडी डिवीजन में रोड़ सेफ्टी कार्य के लिए 10 लाख का ऑन लाइन टेंडर जारी किया गया। निविदा 24 फरवरी को 4 बजे प्रकाशित हुई और दस्तावेज डाउनलोड करने की अंतिम समय-सीमा उसी दिन शाम 6 बजे रख दी गई। यानी संभावित ठेकेदारों को केवल दो घंटे का समय मिला। सवाल यह उठ रहा है कि क्या इतनी अल्प अवधि में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा संभव है? जबकि नियमों के अनुसार टेंडर प्रकाशन से दस्तावेज डाउनलोड की अवधि कम से कम 10 दिन होनी चाहिए। अंतिम तिथि से पहले खुली वित्तीय बोली पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार बोली जमा करने की अंतिम तिथि 27 फरवरी शाम 6 बजे थी। जबकि इसके 26 फरवरी को ही वित्तीय बोली खोल दी गई। वित्तीय बोली खोलने के कुछ दिन बाद साइट पर ट्रेंडर की टर्म कंडीशन में बदलाव किया गया। बोली जमा करने की अंतिम तिथि 27 फरवरी से बदलकर 24 फरवरी कर दी गई। केवल तीन फर्मों ने डाला टेंडर टेंडर में तीन फर्म शामिल हुई। हंस बिल्डर ने बिलो 0.25, गौतम इंजिनियर्स ने अबाव 1.22 रेट डाली तीसरी फर्म ग्रेटमेन एंटरप्राइजेज ने अरनेस्ट मनी(EMD)जमा नहीं की। वो ट्रेंडर प्रक्रिया से बाहर हो गई। ट्रेंडर हंस बिल्डर के नाम खुला। अब सवाल यह उठ रहा है- -क्या निविदा शर्तें इस प्रकार निर्धारित की गईं कि प्रतिस्पर्धा सीमित रहे? -क्या अल्प समय-सीमा का उद्देश्य अन्य इच्छुक ठेकेदारों को बाहर रखना था? -क्या यह पूरी प्रक्रिया पूर्व नियोजित थी? जानकारों की माने तो रोड़ सेफ्टी के काम अधिकतर 10 से 20 प्रतिशत बिलो जाते है। ऑनलाइन टेंडर 2 घंटे खुला रहने के बजाया 10 दिन खुलता तो अन्य ठेकेदार भी निविदा प्रक्रिया में शामिल हो पाते। जिससे से सरकार को फायदा होता। जानकारों की माने तो है यह प्रक्रिया ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली की मूल भावना के विपरीत प्रतीत होती है। राजस्थान की निविदा प्रक्रिया Rajasthan Transparency in Public Procurement Rules, 2013 के तहत संचालित होती है। जिसमें न्यूनतम समय-सीमा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना अनिवार्य है। PWD विभाग के एडिशनल चीफ इंजीनियर नीशू गुप्ता ने बताया की ये टेंडर XEN लेवल पर हुआ होगा। इस बारें में ज्यादा जानकारी नहीं है। केवल 2-4 घंटे टेंडर दस्तावेज खोले ऐसा तो नहीं होता इसकी अवधि 15 से 20 दिन रहती है। रामगंजमंडी XEN रामकेश मीणा ने कहा किसी भी ऑनलाइन ट्रेंडर में बीड सब्मिशन स्टार्ट व बीड सब्मिशन एंड डेट में 10 दिन का समय दिया जाता है। जिस टेंडर की आप बात कर रहे है उसमें भी 10 दिन का समय दिया गया होगा। कोई गलत हुआ होगा तो एक बार चेक कराएंगे। आपको समस्या हो तो बताए। आप क्यों दिक्क़त कर रहे हो।



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