जींद नाबालिग से दुष्कर्म-अपहरण में 20 वर्ष कैद: कोर्ट ने 1.25 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया, अक्टूबर 2023 में हुई थी बच्ची संग दरिंदगी – Uchana News




जींद की अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (POCSO) सिफा की अदालत ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 1 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त सजा काटनी होगी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामला 7 अक्टूबर 2023 को दर्ज हुआ था। सदर थाना जींद में पिता ने अपनी नाबालिग बेटी के अचानक लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने पहले धारा 363 (अपहरण) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। जब नाबालिग मिली और उसके बयान दर्ज किए गए, तब मामले में दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट जैसी संगीन धाराएं जोड़ी गईं। पुलिस की जांच और मजबूत साक्ष्य जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी संजय, निवासी भुराण के खिलाफ वैज्ञानिक और दस्तावेजी सबूत जुटाए। पीड़िता के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 व 17 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(V) के तहत चालान अदालत में पेश किया। स्पेशल पीपी (पॉक्सो) योगेंद्र राठी की दलीलों और पुलिस के पुख्ता सुबूतों पर मिली सजा। जानिए— किन किन धाराओं में दोषी और क्या सजा फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दिखाई तत्परता अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले जघन्य अपराधों में नरमी की कोई गुंजाइश नहीं है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, लेकिन मुख्य रूप से दोषी को 20 साल जेल की सलाखों के पीछे काटने होंगे। जींद पुलिस के प्रवक्ता का कहना है कि जींद पुलिस महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। इस मामले में पुलिस की प्रभावी जांच और अभियोजन पक्ष की बेहतर पैरवी के कारण ही समयबद्ध तरीके से दोषी को सजा मिल सकी है।



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