बालतोरा में जाट समाज का अधिवेशन, मृत्यु भोज पर पाबंदी:  नशे की मनुहार बंद करने का आह्लान, आरक्षण में छेड़छाड़ का किया विरोध – Balotra News

बालतोरा में जाट समाज का अधिवेशन, मृत्यु भोज पर पाबंदी: नशे की मनुहार बंद करने का आह्लान, आरक्षण में छेड़छाड़ का किया विरोध – Balotra News




किसान केसरी बलदेवराम मिर्धा की 137वीं जयंती पर बालोतरा में जाट समाज का अधिवेशन आयोजित किया गया। इस अधिवेशन में मृत्यु भोज पर पाबंदी लगाने और सामाजिक कार्यक्रमों में नशे की मनुहार न करने जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुधार के निर्णय लिए गए। साथ ही, राजनीति में जातिगत आरक्षण और सरकारी भर्तियों में ओबीसी रोस्टर से छेड़छाड़ के खिलाफ भी हुंकार भरी गई। बालोतरा और बाड़मेर जिले के हजारों समाज के लोगों ने लिया हिस्सा
वीर तेजाजी छात्रावास में वीर तेजाजी विकास समिति के तत्वावधान में संत सजनी बाई के सानिध्य में यह अधिवेशन संपन्न हुआ। इसमें बालोतरा और बाड़मेर जिले से हजारों समाज बंधुओं ने भाग लिया और सर्वसम्मति से प्रस्तावों का समर्थन किया। अधिवेशन के दौरान वीर तेजाजी छात्रावास के 12वीं के विद्यार्थियों का विदाई एवं वार्षिकोत्सव भी आयोजित किया गया। कुरीतियों को समाप्त करने और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का आह्नान
अधिवेशन में समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने का आह्वान किया गया। समाज बंधुओं ने आरक्षण में जातिगत छेड़छाड़ और सरकारी भर्तियों में ओबीसी रोस्टर में किए जा रहे बदलावों के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। किसान केसरी बलदेवराम मिर्धा के संघर्षों को याद किया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने किसान केसरी बलदेवराम मिर्धा के संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि मिर्धा ने उस कठिन दौर में समाज को जगाया और उनके प्रयासों से जाट समाज में बदलाव की क्रांति आई। समाज के निर्णयों को पूरा करने का संकल्प
चौधरी ने समाज बंधुओं से अधिवेशन में लिए गए निर्णयों को संकल्प के साथ पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी दूसरे समाज के प्रति द्वेष की भावना न रखें और सभी समाजों को साथ लेकर चलें। उन्होंने पद और पैसों के लालच में सामाजिक मर्यादा का उल्लंघन न करने तथा स्वयं की कमियों को ढूंढकर आगे बढ़ने का प्रयास करने की सलाह दी, ताकि ऐसे आयोजनों का संदेश दूर तक जाए। पूर्व मंत्री बोले-समाज की बात आने पर हर वक्त साथ
पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा-जाट समाज सामाजिक और राजनीतिक चेतना वाला समाज है। ऐसे में आज यहां से एक संकल्प लेकर उठें कि इस समय में सामाजिक बदलाव की नजीर बालोतरा का यह आयोजन बने। उन्होंने कहा कि समाज से मैं हूं, मेरे से समाज नहीं है। जहां भी समाज की बात आएगी, उस वक्त आपका भाई आपके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि जातिगत आरक्षण और सरकारी भर्तियों में ओबीसी रोस्टर से छेड़छाड़ की बातें जो आज उठी हैं, इसे लेकर हमने पूर्व में भी वसुंधरा राजे सरकार के समय पुरजोर तरीके से पैरवी कर रुकवाया था। आगे भी ऐसा हुआ तो हम सरकार के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे और समाज के हित में फैसले करवाएंगे। सांसद उम्मेदाराम बोले-शिक्षा को लेकर नई पहल करनी होगी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा-वर्तमान दौर में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को लेकर नई पहल करनी होगी। सामाजिक कार्यक्रमों में फिजूल खर्ची के बजाय स्कूलों में सुधार को लेकर सोचना होगा। शिक्षा का पैटर्न बदल रहा है, ऐसे में नवीन तकनीकी संरचना हमें अपने गांवों की स्कूलों में विकसित करनी होगी, तभी हमारे बच्चे शहरों और महानगरों के बच्चों का मुकाबला कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कक्षा 10वीं के बाद बच्चों को उचित मार्गदर्शन मिले, उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश कैसे मिले, इसको लेकर प्रयास करना होगा। कार्यक्रम में डॉ. रमन चौधरी ने एआई शिक्षा पर जोर दिया। ये मुद्दे छाए रहे
जाट अधिवेशन में जाट समाज की शैक्षणिक, आर्थिक और राजनीतिक चेतना के मुद्दे छाए रहे। सेवानिवृत्त प्रोफेसर पांचाराम ने कहा कि राजनीति में जाटों के प्रतिनिधित्व को खत्म करने की साजिश रची जा रही है। सरकार आयोग बनाकर भेज रही है। संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में आर्थिक आधार पर आरक्षण मिला हुआ है। ऐसे में इसका सामूहिक रूप से विरोध नहीं किया गया तो सरकारें जातियों को बांटकर राज करेंगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुमनाराम लेगा ने कहा-समाज हित में शिक्षा कोष का गठन किया जाए ताकि जरूरतमंद समाज के बेटे-बेटी को उचित शिक्षा मिल सके। उन्होंने सोशल मीडिया के संयमित उपयोग की सलाह देते हुए कहा कि अनुचित टीका-टिप्पणी करने से बचें। कार्यक्रम को वीर तेजाजी विकास समिति अध्यक्ष डॉ. प्रभावती चौधरी, पूर्व जिला प्रमुख महेंद्र गोदारा, डूंगराराम काकड़, दौलतराम गोदारा, खैराजराम हुड्डा, प्रहलादराम धतरवाल, बालाराम मूढ़, लक्ष्मणराम डेलू, सिमरथाराम बेनीवाल, चुन्नीलाल माचरा सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम में वीर तेजाजी विकास समिति सचिव आदूराम भांभू, पुरखाराम बांगड़वा, खैराजराम लेगा, खींयाराम सारण, लाधाराम गोदारा, भंवरलाल बेनीवाल, डॉ. हरदानराम लोल, वगताराम जांगू, गिरधारीलाल मूढ़ण, प्रहलादराम तरड़, तगाराम मूढ़, आरसीएस जितेंद्र गोदारा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरफूलसिंह, पचपदरा सीआई अचलाराम ढाका सहित कई समाज बंधु मौजूद रहे। इन मुद्दों पर समाज ने सर्वसम्मति से लिया निर्णय
अधिवेशन में सामाजिक कुरीतियों को मिटाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान बालोतरा जिले में मृत्यु के बारहवें दिन एक समय भोजन, किसी की मृत्यु के दौरान बारह दिन तक मीठा परोसने पर पाबंदी, पगड़ी रस्म के बाद बैठक व्यवस्था बंद करने का निर्णय लिया गया। साथ ही सामाजिक कार्यक्रमों में अफीम-डोडा पर पूर्ण पाबंदी लगाने, जन्मदिन व शादी समारोह में अनावश्यक दिखावा, फिजूल खर्च और डीजे के उपयोग पर रोक लगाई गई। इसके अलावा किसी भी परिवार में होने वाले सामाजिक कार्यक्रम में इन फिजूल खर्चों से हुई बचत में से 5100 रुपए समाज के शिक्षा कोष में जमा करवाने का निर्णय लिया गया। साथ ही सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति या समाज के प्रति नफरत फैलाने वाली टीका-टिप्पणी नहीं करने का फैसला लिया गया।



Source link

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

Related Post

आज का मौषम
Live Cricket
आज का राशिफल
लाइव शेयर मार्केट