यमुनानगर जिले में विदेश भेजने के बहाने एक महिला और उसके बेटे से 3 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने महिला के बेटे को रूस में स्थायी वर्क वीजा दिलाने का वादा किया, लेकिन ई-वीजा पर भेजकर धोखा दिया। अब पीड़िता को धमकियां मिल रही हैं कि उस
.
थाना छप्पर पुलिस ने सुनीता देवी निवासी गांव नगला जागीर की शिकायत पर आरोपी जयकिशन उर्फ जोनी निवासी नगला जागीर व उसके साथ राकेश कश्यप के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्थाई बताकर दो माह का वर्क वीजा थमाया
सुनीता देवी ने बताया कि उनका बेटा प्रिंस 10वीं पास है और विदेश जाने का इच्छुक था। आरोपी जयकिशन उर्फ जोनी, जो उनके गांव का ही निवासी है, ने परिवार को बताया कि वह कई लड़कों को रूस में स्थाई वर्क वीजा पर भेज चुका है, जहां वे अच्छी कमाई कर रहे हैं। आरोपी ने 3 लाख रुपए की मांग की और किश्तों में पैसे लेने की बात कही।
शिकायत के अनुसार, सुनीता देवी ने 20 दिसंबर 2024 को 17,000 रुपए नकद दिए, 26 दिसंबर को 18,000 रुपए गूगल पे से, 31 जनवरी को 2 लाख रुपए और 5 जून को 65,000 रुपए बैंक ट्रांसफर से दिए। कुल 3 लाख रुपए देने के बाद, 9 जून को आरोपी ने प्रिंस को रूस भेज दिया। लेकिन रूस पहुंचने पर पता चला कि यह स्थाई वर्क वीजा नहीं, बल्कि ई-वीजा है, जो केवल 2 महीने का था
रूस में ही खत्म करवाने की दी धमकी
सुनीता देवी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने और उनके बेटे ने आरोपी से संपर्क किया, तो आरोपी टालमटोल करते रहे। बाद में आरोपियों ने फोन पर गालियां दीं और धमकी दी कि अगर शिकायत की तो प्रिंस को रूस में ही खत्म करवा देंगे या सेना में जबरन भर्ती करवा देंगे। आरोपी ने यह भी कहा कि कोई उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, क्योंकि उनका रूस में बदमाश गिरोह से संबंध है।
पुलिस ने जांच में पाया गया कि आरोपी आपस में मिलीभगत करके साजिश रच रहे थे। आरोपी बार-बार नोटिस के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुए। 3 अक्टूबर को दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें आरोपी ने 7 अक्टूबर तक 1 लाख रुपए का चेक देने और 3 दिसंबर तक वर्क वीजा बनवाने का वादा किया था, लेकिन उन्होंने इसे नहीं निभाया।
आर्थिक अपराध शाखा यमुनानगर की रिपोर्ट के आधार पर थाना छप्पर में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। जांच अधिकारी ASI अनूप कुमार ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



