झारखंड में आज भी मौसम का मिजाज सख्त बना रहने वाला है। सुबह और शाम घना कोहरा छाए रहने के साथ दिनभर ठंडी हवाओं से कनकनी बढ़ेगी। उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण राज्य शीतलहर की गिरफ्त में है। न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है। कई जिलों म
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कई जिलों में यह 10 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है।
शनिवार को लोहरदगा राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। रांची में रविवार को पारा 7.8 डिग्री रहा, जबकि कांके में 7.3 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आज भी ठंड का यही असर बना रहेगा। लोगों को सर्दी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।
छह जिलों में 10 डिग्री से नीचे तापमान, दो की मौत
भीषण ठंड का असर जनजीवन पर साफ दिख रहा है। लोहरदगा, गुमला, डालटनगंज, रांची, खूंटी और हजारीबाग में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है। लोहरदगा में तापमान सामान्य से 4.7 डिग्री कम दर्ज किया गया, जबकि गुमला में 5.2, डालटनगंज में 6.9 और खूंटी में 9.1 डिग्री रहा।

सर्दी का सितम जानलेवा भी साबित हो रहा है। गिरिडीह के मोतीलेदा निवासी प्रेम राय (37) और कोडरमा के राणे गांव के भुवनेश्वर रजक (75) की ठंड से मौत हो गई। ठंड बढ़ने से गरीब, बुजुर्ग और बेघर लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। अलाव की व्यवस्था और गर्म कपड़ों की मांग भी बढ़ने लगी है।
27 दिसंबर तक जारी रहेगी कड़ाके की ठंड
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक राज्य के 16 जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है। इसके लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट घोषित किया गया है। 23 दिसंबर को रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह और देवघर में यलो अलर्ट रहेगा।

ठंडी हवा के गर्म और नम हवा से टकराने के कारण सुबह-शाम घना कोहरा बन रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद के अनुसार ठंडी हवा के गर्म और नम हवा से टकराने के कारण सुबह-शाम घना कोहरा बन रहा है, जिससे विजिबिलिटी घट रही है। इसका असर रेल और विमान सेवाओं पर भी पड़ रहा है। फिलहाल 27 दिसंबर तक ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है और लोगों को कड़ाके की सर्दी के लिए तैयार रहना होगा।



