हार्वर्ड की स्टडी; अच्छा छात्र कौन?: अच्छे विद्यार्थी के 4 प्रमुख गुण, पहला- जिज्ञासा, दूसरा- सटीक चिंतन, तीसरा- नैतिकता, चौथा- सही समझ




क्या आप एक अच्छे छात्र हैं? या फिर बनना चाहते हैं या किसी और को बनाना चाहते हैं, तो ये खबर आपके लिए है। हार्वर्ड ने अपनी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों और व्याख्याताओं से पूछा कि एक अच्छा छात्र कौन होता है? उसमें क्या-क्या गुण होने चाहिए? हार्वर्ड ने इन जवाबों को प्रकाशित भी किया है। इसमें चार प्रमुख गुण बताए गए हैं- पहला और सबसे महत्वपूर्ण है एक वास्तविक, गहरी और निरंतर जिज्ञासा। दूसरा है सटीक चिंतन। तीसरा है नैतिकता यानी जो कोई गलत तरीका नहीं अपनाते हैं। चौथा और अंतिम है यह जानना कि किसी काम को कब शुरू करना है और कब तक खत्म कर देना है। इसके अलावा, छात्रों में विषय या क्षेत्रवार भी कुछ गुण जरूरी हैं। 9 जरूरी गुण… जो हार्वर्ड के अलग-अलग विभाग के प्रोफेसर्स ने बताए – साइंस में अच्छे छात्र वे होते हैं, जो परीक्षा में अच्छा करने के लिए नहीं, बल्कि समझने के लिए पढ़ते हैं। बाहरी धक्के की जरूरत नहीं। – प्रो. कोरा ड्वर्किन – लॉ में अच्छे छात्र सवाल पूछते हैं और पूछते रहते हैं। वे समझते हैं कि कितना भी जान लें, पूछने के लिए हमेशा और सवाल बाकी रहते हैं।- प्रो. केनेथ डब्ल्यू. मैक – मेडिकल छात्र के लिए केवल यह जानना पर्याप्त नहीं है कि “क्या’ करना है, बल्कि यह जानना भी जरूरी है कि यह आखिर “क्यों’ करना है। – रिचर्ड एम. श्वार्टजस्टीन – डिजाइन में सफलता के लिए पैनी एकाग्रता और दुनिया की चीजों को गहराई से देखने की इच्छा जरूरी है। यही उन्हें आगे ले जाती है। – प्रो. मेगन पांजानो – अच्छे छात्र’ स्कूल की अपेक्षाएं पूरी करते हैं और वे अच्छे ग्रेड लाते हैं। लेकिन “अच्छे सीखने वाले” खोज के जुनून से प्रेरित होते हैं। – प्रो. टीना ग्रोटजर – अच्छे छात्र असहमति को गंभीरता से लेते हैं। ध्यान से सुनते हैं, दूसरों को समझने की कोशिश करते हैं। सोच-समझकर उत्तर देते हैं। – प्रो. युहुआ वांग – जो छात्र विचारों को स्पष्ट तर्कों और निष्कर्षों के साथ पेश कर सकते हैं, वे विषय को बेहतर समझते हैं, दूसरों को समझाने में माहिर होते हैं। – प्रो. देह्लिया उमुन्ना – यह समझना महत्वपूर्ण कौशल है कि कब उनका काम पर्याप्त हो गया, एक प्रोजेक्ट कब समाप्त करना है और अगले पर कब बढ़ना है। – प्रो. जेकब बारंडेस – अच्छे छात्र खुद को उच्च नैतिक मानकों पर रखते हैं, वे अपना हर काम पूरी ईमानदारी के साथ करते हैं और अपने साथियों का विश्वास जीतते हैं। वे नकल नहीं करते या शॉर्टकट नहीं अपनाते। इनमें निरंतर एक जिज्ञासा रहती है। – हेनरीक सी. बेशे 9 बड़े मंत्र… जो यूपीएससी-जेईई-नीट और बोर्ड टॉपर्स ने दिए हैं 1 – यहां कम ही ज्यादा है 10 किताबें एक बार पढ़ने से बेहतर है एक स्टैंडर्ड किताब को 10 बार पढ़ा जाए। इससे कॉन्सेप्ट पर पकड़ बढ़ती है और कन्फ्यूजन भी नहीं होता। 2- पिछले प्रश्नों को देखें टॉपर्स पिछले 5-10 सालों के प्रश्नों का विश्लेषण करके यह समझते हैं कि परीक्षा की मांग क्या है और किन टॉपिक्स का महत्व ज्यादा है। 3 – रोज अनुशासित रहें 15 घंटे एक दिन पढ़कर अगले तीन दिन आराम करना व्यर्थ है। रोज 6-8 घंटे की अनुशासित पढ़ाई करें, फिर चाहें पढ़ने का मन हो, न हो। 4 – मॉक टेस्ट से परखें मॉक टेस्ट देने के बाद टॉपर्स हर गलत उत्तर का विश्लेषण करते हैं। मिस्टेक नोट बनाते हैं, जिसमें हर गलती लिखते हैं, परीक्षा से पहले दोहराते हैं। 5 – रिवीजन पर जोर दें पढ़ना 30% काम है, तो 70% काम उसे याद रखना (रिवीजन) है। टॉपर्स दैनिक, साप्ताहिक, मासिक रिवीजन का सख्त शेड्यूल बनाते हैं। 6 – खुद अपने नोट्स बनाएं अपने हाथ से संक्षिप्त नोट्स या माइंड मैप्स बनाते हैं। लिखने से कॉन्सेप्ट ज्यादा स्पष्ट होते हैं। परीक्षा से पहले रिवीजन में ये नोट्स कारगर। 7 – सेहत से समझौता नहीं टॉपर नींद से समझौता नहीं करते। दिमाग को जानकारी प्रोसेस करने के लिए 6-7 घंटे की गहरी नींद जरूरी। हल्का व्यायाम/ध्यान भी करें। 8 – एनसीईआरटी बुक पढ़ें हर टॉपर, चाहे वह यूपीएससी का हो या नीट का, NCERT की किताबों से तैयारी की सलाह देता है। ये सरल भाषा में कॉन्सेप्ट्स समझाती हैं। 9 – एकाग्रता से अभ्यास करें टॉपर्स हमेशा घड़ी लगाकर, एक शांत कमरे में बैठकर और परीक्षा हॉल जैसी गंभीरता के साथ मॉक टेस्ट देते हैं। इससे टाइम मैनेजमेंट और दबाव झेलने की क्षमता विकसित होती है। खुद पर हमेशा भरोसा रखें।



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