11वीं का पेपर देने गया था, घर पहुंची लाश:  घायल बोला– एयरबैग खुलने से बच गई जान; कटनी में कार–बाइक की टक्कर में 4 दोस्तों की मौत – Katni News

11वीं का पेपर देने गया था, घर पहुंची लाश: घायल बोला– एयरबैग खुलने से बच गई जान; कटनी में कार–बाइक की टक्कर में 4 दोस्तों की मौत – Katni News


‘सड़क पर अचानक तेज आवाज आई। चारों ओर धुआं–धुआं हो गया। पास जाकर देखा, तो कार और बाइक की टक्कर हुई थी। बाइक दूर पड़ी थी। चार युवक खून से लथपथ पड़े थे। हमने उन्हें बाहर निकलवाकर पुलिस को सूचना दी।’

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यह कहना है कटनी में सोमवार रात हुए कार–बाइक हादसे के प्रत्यक्षदर्शी छत्रपाल सिंह का। इसमें बाइक सवार चार दोस्तों की मौके पर मौत हो गई। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। हादसा रात करीब 11:30 बजे बड़वारा थाना क्षेत्र में नेशनल हाइवे-43 पर जगतपुर उमरिया गांव के पास चपहनी मोड़ पर हुआ था। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का आगे का हिस्सा और बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गए।

सोमवार रात बाइक सवार चारों युवकों की मौके पर मौत हो गई।

रॉन्ग साइड आ रही थी कार

बाइक सवार चार युवक कटनी से उमरिया की ओर जा रहे थे। वहीं, कार (MP 13 CC 4342) रॉन्ग साइड (उमरिया) से आ रही थी। इसी दौरान हादसा हो गया। मृतकों की पहचान धीरेंद्र सिंह (18), रामकिशोर सिंह (26), रामदास सिंह (18) और इंद्रभान सिंह (25) के रूप में हुई, जो उमरिया के मानपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे।

घायल कार सवार संपत बाई, सोनू पिता अमर सिंह (22 वर्ष), मदन लाल सिंगा (62 वर्ष), कैलाश पिता रमेश तंवर (25 वर्ष) और प्रेम सिंह पिता वंशीलाल (36 वर्ष) को हैं।

हादसे के बाद दैनिक भास्कर घायल ड्राइवर और मृतकों के परिजन से बात की।

हादसे के बाद कार का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

हादसे के बाद कार का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

घायल बोला– टक्कर के बाद आंखें बंद हो गईं

कार चालक कैलाश तंवर ने बताया कि वे अनूपपुर जेल में बंद अपने भाई कमलेश तंवर से मुलाकात करने गए थे। सोमवार रात लौटते समय घटनास्थल से ठीक 50 किलोमीटर पहले उमरिया जिले में रात करीब 10:40 बजे होटल पर रुके थे। यहां चाय पीकर रवाना हुए थे। कार मैं खुद ड्राइव कर रहा था। बाजू में प्रेम सिंह बैठा था। दोनों आपस में बात करते आ रहे थे। पीछे की सीट पर सोनू सिंह, मदनलाल व संपत बाई बैठे थे। वे सभी मोबाइल चला रहे थे।

​इसी दौरान, रात करीब 11:45 बजे बड़वारा थाना क्षेत्र के रेलवे ओवरब्रिज पार करके कटनी की तरफ 500 मीटर दूर पहुंचे। सामने से आ रहा ट्रक क्रॉस हुआ, उसके पीछे आ रही मोटरसाइकिल अचानक कार से टकरा गई। समझ नहीं आया कि क्या हुआ। घटना के बाद मेरी आंखें बंद हो गईं। सामने के दोनों एयरबैग खुल गए, जिसकी वजह से मेरी और कार में बैठे अन्य लोगों की जान बच गई। हादसे के करीब आधे घंटे बाद जब होश आया, तो देखा कि चार युवक खून से लथपथ पड़े थे। राहगीरों ने कार से बाहर निकाला।

अब मृतकों के परिजन कहानी…

धीरेंद्र– बेटे को अफसर बनाना चाहते थे

धीरेंद्र सिंह (18) के पिता करन सिंह की आंखों में आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। उन्होंने फोन पर दैनिक भास्कर को बताया कि धीरेंद्र 11वीं में पढ़ता था। उस रोज सुबह बाइक लेकर घर से निकला था। वह परीक्षा देने मानपुर गया था। मैंने सोचा था कि बेटा पढ़-लिखकर बड़ा अधिकारी बनेगा। घर की गरीबी दूर करेगा। क्या पता था कि बेटे की लाश घर लौटेगी।

दरअसल, रामकिशोर, रामदास और इंद्रभान सोमवार को ही महाराष्ट्र से वापस लौटे थे। चारों आपस में अच्छे दोस्त थे। परीक्षा देने के बाद धीरेंद्र सिंह उन्हें लेने बाइक से कटनी रेलवे स्टेशन गया था। घर लौटते समय हादसा हो गया। उसने इस बारे में घर पर भी नहीं बताया था।

रामदास– महाराष्ट्र से चाचा की शादी में आया था

हादसे में ​मरई खुर्द का रहने वाले रामदास (18) की भी मौत हुई है। वह घर का बड़ा बेटा था। वह महाराष्ट्र में मजदूरी कर पाई-पाई जोड़कर घर भेजता था, ताकि परिवार का पेट भर सके। वह अपने चाचा ओमप्रकाश की शादी में शामिल होने खास तौर पर कटनी आ रहा था। उसके चाचा अर्जुन सिंह बताते हैं कि घर में बारात की तैयारी थी। मंगल गीत गाए जा रहे थे, लेकिन रात 12 बजे आए एक कॉल ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जिस घर से बारात निकलनी थी, वहां भतीजे का शव रखा था।

टक्कर के बाद बाइक 20 मीटर दूर मिली।

टक्कर के बाद बाइक 20 मीटर दूर मिली।

रामकिशोर– बेटे के सिर से उठा पिता का साया

हादसे में रामकिशाेर की भी मौत हो गई। उसकी शादी दो साल पहले अप्रैल 2024 में ही हुई थी। उसे चार महीने का बेटा है। रामकिशोर बोरवेल मशीन पर मजदूरी करता था। उसके भाई नंदलाल बताते हैं कि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए दूर जाकर हाड़-तोड़ मेहनत कर रहा था। पति की मौत के बाद उसकी पत्नी सदमे में है।

इंद्रभान– मां देख रही थी बहू के सपने, बेटे की लाश मिली

​मझखिता के रहने वाले इंद्रभान (25) की भी हादसे जान चली गई। उसके घर में इस साल शहनाइयां बजने वाली थीं। पिता जबर सिंह ने तीन महीने पहले उसे महाराष्ट्र जाने से रोका भी था। कहा था कि यही कुछ रूखा-सूखा खा लेंगे, बाहर मत जाओ, लेकिन जिम्मेदारी के बोझ तले दबे इंद्रभान ने पैसे कमाने की चाह में पिता की बात नहीं मानी। मां अपने बेटे के लिए लड़की तलाश रही थी।

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तेज रफ्तार कार ने बाइक को रौंदा…4 युवकों की मौत कटनी में तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर



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