हांसी-हिसार की 9 प्राइवेट बसों में मान्य होंगे सरकारी पास: हिसार कोर्ट ने सुनाया फैसला, परेशान छात्राओं ने कोर्ट में लगाई थी याचिका – Hisar News




हांसी जिले से हिसार आने वाली प्राइवेट बसों में रोडवेज के पास मान्य होंगे। हिसार कोर्ट ने एक केस की सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया है। दरअसल हांसी के गांव भाटोल जाटान की 8 छात्राओं और एक बुजुर्ग ने रोडवेज के द्वारा फ्री पास के आधार पर यात्रा की अनुमति न देने पर सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। छात्रा आरजू समेत आठ याचियों द्वारा दाखिल इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि निजी बस संचालक सरकार के आदेशों की खुली अवहेलना कर रहे हैं। इस मामले में हिसार की जेएमआईसी सुखवीर कोर्ट की अदालत ने फैसला सुनाया कि रोडवेज के पास प्राइवेट बसों में मान्य होंगे। छात्राओं की तरफ से वीएस बामल, पूजा बिश्नोई और आशिमा दलाल ने केस कड़ा। वकील वीएस बामल ने बताया कि दूसरे पक्ष से कोई भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। हरियाणा सरकार की तरफ हाल ही में जारी प्राइवेट बसों के संदर्भ में जारी आदेश को आधार बनाकर कोर्ट ने फैसला सुनाया है। 21 अप्रैल को सरकार ने दिए थे आदेश
दरअसल 21 अप्रैल 2026 को हरियाणा में निजी बस संचालकों की मनमानी और रियायती पास धारकों को बस में न चढ़ाने की शिकायतों पर सरकार ने सख्ती दिखाई थी। परिवहन आयुक्त कार्यालय ने निर्देश जारी किए थे कि प्रदेश के सभी निजी स्टेज कैरिज संचालकों को हरियाणा रोडवेज की तरह ही सभी श्रेणियों के ‘फ्री’ और ‘कन्सेशनल’ पास धारकों को यात्रा करवानी होगी। इसके लिए परिवहन विभाग की ओर से सभी डीटीओ-सह-सचिवों को लेटर जारी किया था। इस लेटर में खास बात ये है कि अगर कोई निजी बस संचालक पास होने के बावजूद यात्री को बस में चढ़ने से रोकता है, तो इसकी शिकायत संबंधित क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) कार्यालय या सीधे परिवहन विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर कर सकते हैं। लॉ स्टूडेंट की याचिका पर हाईकोर्ट भी जारी कर चुका आदेश
करीब आठ माह पहले भीहिसार कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि जब तक हाईकोर्ट से कोई स्थगन आदेश (स्टे) नहीं आता, तब तक प्राइवेट बसों में भी सरकारी रियायती पास मान्य रहेंगे। यह आदेश लॉ स्टूडेंट पूजा बिश्नोई की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया था। छात्रा ने मांग की थी कि सरकारी पास को प्राइवेट बसों में भी मान्यता मिले। यह फैसला प्राइवेट बस संचालकों के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि वे अब तक सरकारी पास को अपनी बसों में स्वीकार करने से इनकार करते रहे हैं। इसी मामले को लेकर प्राइवेट बस संचालकों ने हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की हुई है, लेकिन अभी तक कोई स्टे ऑर्डर नहीं मिला है।



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