मेड़ता में आंदोलन कर रहे किसानों ने तेजा गायन के साथ ही अन्य लोक नृत्य पर खूब डांस किया। रेलवे भूमि अधिग्रहण की कम डीएलसी रेट, आपदाग्रस्त वंचित गांवों को सूची में शामिल करने जैसी एक दर्जन मांगों को लेकर महां पचायत के बाद धरने में तब्दील हुआ किसानों का
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किसानों ने तेजा गायन पर डांस किया
रात के वक्त किसान धरना स्थल पर ही सो रहे हैं। इसी कड़ी में बीती रात धरना स्थल पर किसानों ने तेजा गायन किया। बुधवार को भी दिनभर धरना जारी रहेगा। अगर किसानों की मांगें नहीं मानी तो फिर कल 8 जनवरी को किसान एक हजार ट्रैक्टरों के साथ जयपुर कूच करेंगे।
धरना स्थल पर तेजा गायन के साथ अन्य लोक नृत्य पर किसानों ने खूब डांस किया।
8 जनवरी को ट्रैक्टर रैली जयपुर रवाना होगी
अगर ऐसा ही हुआ तो मेड़ता की धरती से उठी इस आंदोलन की गूंज का असर प्रदेश की राजधानी तक देखने को मिलेगा। गुरुवार सुबह 11 बजे विधानसभा क्षेत्र के गांवों से ट्रैक्टर रवाना होकर मीरा द्वार के पास पहुंचेंगे। जहां एकत्रित होने के बाद तिरंगा व हरी झंडी दिखाए जाने के बाद ट्रैक्टर रैली जयपुर के लिए प्रस्थान करेगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव करेंगे किसान
भारतीय किसान यूनियन मानवता के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील रियाड़ सोगावास ने बताया- किसान मेड़ता से रवाना होने के बाद शाम को पादूकलां पहुंचेंगे। जहां रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन 9 जनवरी को जयपुर के लिए रवाना होंगे। जो शाम तक जयपुर मुख्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव करेंगे।

धरना स्थल पर हुआ तेजा गायन
धरना स्थल पर किसान अपनी मांगों को लेकर डटे हुए है। रात में भभूतराम डांगा, शिवकरण, पेमाराम, गोदाराम, अमराराम, कपिल लोमरोड़, हनुमानराम डांगावास, उगमाराम, रामदेव धोलिया सहित किसानों ने तेजा गायन की प्रस्तुतियां दी। इसी तरह धरने में मोडाराम चौहान, श्रीकिशन बड़ियासर, ओमप्रकाश, लालाराम नायक, जाकिर सांखला, ओमप्रकाश रियाड़ सोगावास, राकेश चौधरी, कैलाश गोलिया, जवानाराम घटेला, किशोर गोदारा, कानाराम घटियाला, दयालराम सिरोही सहित किसान शामिल हुए।



