पटना पुलिस ने देर रात अनंत सिंह को उनके घर से गिरफ्तार किया है।
मोकामा में RJD नेता दुलारचंद की हत्या के मामले में पटना पुलिस ने देर रात बाहुबली अनंत सिंह को उनके घर से गिरफ्तार किया है। रात में करीब 150 पुलिस वालों के साथ टीम अनंत सिंह के बाढ़ वाले घर पहुंची थी। इसे पटना SSP कार्तिकेय शर्मा लीड कर रहे थे। पुलिस न
.
रात 2 बजे अनंत सिंह को CJM के सामने पेश किया जा रहा है। वहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। अनंत सिंह सुबह से अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे।
मोकामा से JDU उम्मीदवार अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर जनसुराज पार्टी के मोकामा से उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी ने कहा, ‘यह एक अच्छा कदम है, लेकिन अगर वे पहले कार्रवाई करते तो अच्छा होता। आज वह 50 वाहनों के काफिले में घूम रहे थे और चुनाव प्रचार में भी शामिल हुए।
जब उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, तो उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर लिया जाना चाहिए था, लेकिन देर आए दुरुस्त आए। अब महत्वपूर्ण यह है कि पुलिस पूरे मामले की जांच कैसे करती है। यह उनके परिवार के लिए राहत की बात है।”
अब अनंत सिंह की गिरफ्तारी की 2 तस्वीरें देखिए…
गिरफ्तारी के लिए आनंद सिंह की कोठी में घुसती पुलिस टीम। इसमें सबसे आगे पटना SSP दिखाई दे रहे हैं।

घर से अनंत सिंह को उठाकर ले जाती पटना पुलिस।
पटना SSP बोले- हत्या के वक्त अनंत सिंह मौजूद थे
पटना DM और SSP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, जिला प्रशासन और पुलिस ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। पुलिस की कार्रवाई अलग से चल रही है। घटना के बाद काफी कार्रवाई हुई है। कोई भी असामाजिक तत्व किसी भी तरह से कानून तोड़ने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अनंत सिंह के पास जितने भी आर्म्स हैं, उन्हें सीज किया जाएगा। सभी पदाधिकारियों को आदेश दिया गया है। अगर कहीं से भी कोई लापरवाही होगी, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर केस दर्ज कराया है। गवाह भी सामने आए जिनकी गवाही ली गई है। घटना के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन किया गया। प्रत्याशी वहां मौजूद थे। अनंत सिंह भी घटना के वक्त मौजूद थे। 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अनंत सिंह, रंजीत राम, मणिकांत ठाकुर को गिरफ्तार किया गया है। हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की गई है।
CID ने भी इस मामले में जांच की है। दोनों पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। कल जब पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया जा रहा था। इसमें भी अलग से मामला दर्ज किया गया है।

शनिवार देर शाम SDM, SP हटाए गए
इससे पहले मोकामा हत्याकांड में चुनाव आयोग ने एक्शन लिया है। बाढ़ के SDM चंदन कुमार, ग्रामीण SP विक्रम सिहाग और बाढ़ के SDPO-1 राकेश कुमार को हटा दिया है। SDM की जगह 2022 बैच के IAS अधिकारी आशीष कुमार को भेजा गया है।
वहीं, SDPO-1 राकेश कुमार की जगह CID के डीएसपी आनंद कुमार सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके साथ ही चुनाव आयोग ने बाढ़ के SDPO-2 अभिषेक सिंह को सस्पेंड कर दिया है। उनकी जगह ATS में तैनात डीएसपी आयुष श्रीवास्तव को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तेजस्वी ने कहा था- क्या चुनाव आयोग मर चुका है
तेजस्वी यादव ने भी चुनाव आयोग और सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, ‘चुनाव आयोग मर चुका है क्या। चुनाव के बीच 10 हजार की रिश्वत बांटी जा रही है।
हार के डर से अपने संसाधन खर्च करने की बजाय BJP इस बार बिहार को लूटने वाले ED के शिकंजे में फंसे भ्रष्ट DK छाप अधिकारियों के जरिए गरीब राज्य के खजाने से ही पैसा बांट रही है।
चुनावों के बीच एनडीए प्रत्याशियों द्वारा दिनदहाड़े हत्याएं की जा रही है। हत्या में नामजद आरोपी थाने के सामने से गुजर रहा है। प्रचार कर रहा है। नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ बंदूक, गोली-बारूद लेकर घूम रहा है।
चुनाव आयोग अपना और लोकतंत्र का मृत्युलेख लिखने में व्यस्त है। क्या कानू सिर्फ विपक्ष के लिए है।’

30 अक्टूबर को जनसुराज कैंडिडेट पीयूष प्रियदर्शी के प्रचार के दौरान दुलारचंद की हत्या हुई थी।
अब पढ़िए दुलारचंद की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या है
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर कई जगह गहरे घाव और खून जमने के निशान मिले हैं। फेफड़े (लंग्स) फटे हुए मिले, जिससे अधिक मात्रा में इंटरनल ब्लीडिंग हुई है। छाती की कई पसलियां टूटी हुई पाई गईं।
खासकर दाहिनी ओर रीढ़ की हड्डी (वर्टिब्रा) के पास भी चोटों के निशान मिले। सिर, घुटने, टखने और पीठ पर गहरे जख्म और चोटें पाई गईं। इसी के साथ दाहिने पैर के पास फायरआर्म (गनशॉट) इंजरी का जिक्र, यानी गोली लगने के निशान हैं।
कई जगहों पर अब्रेशन (घर्षण के निशान) और लैसेरेटेड वूंड्स (फटे हुए घाव) मिले। डॉक्टरों ने लिखा है कि मौत का कारण कार्डियो-पल्मोनरी फेल्योर विद ब्लंट इंजरी टू चेस्ट एंड हेड, यानी छाती और सिर पर जोरदार चोटों और फेफड़े फटने से हृदय और सांस प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया।
दुलारचंद यादव की मौत फेफड़ा फटने (लंग रप्चर) और सीने की कई पसलियां टूटने (रिब फ्रैक्चर) के कारण हुई। ये चोटें इतनी गंभीर थीं कि इंटर्नल ब्लीडिंग हुई, जिससे मौत हो गई। दुलारचंद यादव के सीने पर जोरदार प्रहार या भारी दबाव पड़ा, जिससे उनकी पसलियां टूट गईं और फेफड़े में गंभीर चोट पहुंची।

दुलारचंद हत्याकांड में 4 FIR
पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि इस मामले में अब तक 4 FIR दर्ज की गई है। अभी तक कई लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
घटनास्थल पर अभी हालात सामान्य है। पुलिस बल की तैनाती की गई है। फिलहाल वीडियो फुटेज के आधार पर दोषियों को चिन्हित किया जा रहा है।
बता दें कि पहला केस भदौर थाने में दुलारचंद के पोते नीरज कुमार ने दर्ज कराया। दूसरा अनंत के समर्थक जितेंद्र कुमार ने और तीसरा केस पुलिस ने अपने बयान पर किया है।

FIR में पोता बोला- अनंत सिंह ने गोली चलाई
दुलारचंद के पोते नीरज ने अपनी FIR में अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए। FIR में नीरज ने बताया, ‘अनंत सिंह और उनके समर्थकों ने मेरे दादा के साथ गाली-गलोज की गई। फिर दादा को गाड़ी से खींच कर उतारा गया।
अनंत सिंह ने कमर से पिस्टल निकाली और जान से मारने की नीयत से फायर किया, जो गोली मेरे दादा के बाएं पैर के तलवे पर लगी। और वो गिर गए।
छोटन सिंह ने लोहे की रॉड से दादा के पैर-पीठ- सिर पर जान से मारने के लिए ताबड़तोड़ मारा, फिर थार से 2-3 बार आगे-पीछे करके रौंदा, जिससे दादा कुचला गए।
दादा को हिला कर देखा की मरे हैं या नहीं, फिर भाग निकले। अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में दादा की मौत हो गई।’
वीणा देवी बोलीं- मेरी गाड़ी पर हमला हुआ
इधर, मोकामा हत्याकांड पर राजद उम्मीदवार वीणा देवी ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, प्रशासन दुलारचंद की हत्या की जांच के मूड में नहीं था। मैं सामने आई तो जांच करवाई। पोस्टमॉर्टम कराया। अंतिम संस्कार में भी शामिल हुई।
उन्होंने कहा, कल मेरी गाड़ी पर भी हमला हुआ था। काले कपड़ों में कुछ लोग थे। मेरे काफिले की गाड़ी पर ईंट पत्थर फेंके गए। कुछ देर पहले मैं भी उसी गाड़ी में बैठी थी। प्रशासन की मौजूदगी में ये सब हो रहा था।



