.
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से श्री गुरु तेग बहादर साहिब की शहीदी शताब्दी को समर्पित श्री अकालतख्त साहिब से गुरुद्वारा गुरु के महल तक नगर कीर्तन निकाला गया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया एवं पांच प्यारों की अगुवाई में निकले नगर कीर्तन की शुरुआत में अरदास के बाद सचखंड श्री हरमंदर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी बलविंदर सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूप को सोने की पालकी में सुशोभित किया।
नगर कीर्तन श्री अकालतख्त साहिब से शुरू होकर सचखंड श्री हरमंदर साहिब के परिक्रमाओं से होते हुए श्री गुरु रामदास निवास, चौक परागदास, चौक मन्ना सिंह, चौक करोड़ी, चौक बाबा साहिब, गुरुद्वारा बाबा अटल राय, गलियारा, आटा मंडी, बाजार पापड़ां, काठियां बाजार, गुरु बाजार से होता हुआ गुरुद्वारा गुरु के महल में समाप्त हुआ।
नगर कीर्तन में गतका और बैंड पार्टियों सहित बड़ी संख्या में संगत ने शमुलियत की। नगर कीर्तन में गतका पार्टियों ने गतके के जौहर दिखाकर संगत को निहाल किया। नगर कीर्तन के रास्ते में जगह जगह संगत द्वारा लंगर भी लगाया गया। भारी तादाद में संगत ने सचखंड श्री हरमंदर साहिब एवं गुरुद्वारा गुरु के महल के दर्शन दीदार के लिए लंबी लाइनों में लगकर अपनी बारी का इंतजार किया।
इससे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। सचखंड श्री हरमंदर साहिब के हजूरी रागी जत्थों द्वारा गुरबानी कीर्तन किया गया और भाई सरवन सिंह द्वारा सरबत दे भले की अरदास की गई। गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब के कथावाचक भाई विशाल सिंह ने संगत को पवित्र हुक्मनामा श्रवण करवाया।
इस दौरान मैनेजर भगवंत सिंह ने बताया कि श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में 25 नवंबर को गुरुद्वारा गुरु के महल में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले जाएंगे, जिसके बाद गुरमत समागम का आयोजन किया जाएगा।
इस मौके पर शिरोमणि कमेटी के एडिशनल सचिव प्रीतपाल सिंह, श्री दरबार साहिब के जनरल मैनेजर भगवंत सिंह , सुपरिंटेंडेंट निशान सिंह, मलकीत सिंह बेहरवाल, मैनेजर नरिंदर सिंह, राजिंदर सिंह रूबी, जसपाल सिंह ढड्डे, एडिशनल मैनेजर बिक्रम सिंह झंगी, गुरतिंदरपाल सिंह कादिया, जसबीर सिंह, बलविंदर सिंह आदि मौजूद थे।




