यमुनानगर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बिजली निगम (UHBVN) की कार्यप्रणाली पर सख्त टिप्पणी करते हुए एक किसान के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने निगम को सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार का दोषी मानते हुए शिकायतकर्ता को जमा कराई गई 30 हजार रुपये की राशि ब्याज सहित लौटाने तथा 11 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। गांव कठवाला निवासी 77 वर्षीय किसान जयपाल सिंह ने आयोग में शिकायत दायर कर बताया था कि उन्होंने 2019 में कृषि ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था और निगम की मांग पर 30 हजार रुपये की सहमति राशि जमा करवाई थी। इसके बावजूद वर्षों तक उन्हें ट्यूबवेल कनेक्शन नहीं मिला। बाद में जब उन्हें कनेक्शन की आवश्यकता नहीं रही तो उन्होंने 1 अक्तूबर 2024 को आवेदन देकर जमा राशि वापस मांगी, लेकिन कई बार चक्कर लगाने के बावजूद रकम वापस नहीं की गई। आयोग ने बिजली निगम पर दिखाई सख्ती मामले की सुनवाई के दौरान बिजली निगम की ओर से कहा गया कि शिकायतकर्ता की राशि वापसी का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है और मंजूरी मिलने पर भुगतान कर दिया जाएगा। निगम ने यह भी दावा किया कि वह राशि लौटाने के लिए तैयार है। हालांकि आयोग ने पाया कि निगम ने जनवरी 2025 में राशि वापसी संबंधी पत्र आगे भेजने के बाद करीब आठ माह तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। आयोग ने टिप्पणी की कि यदि निगम वास्तव में राशि लौटाने को तैयार था तो उसने अब तक भुगतान क्यों नहीं किया। आयोग ने इसे उपभोक्ता के हितों की अनदेखी और लापरवाही माना। अपने आदेश में आयोग ने कहा कि सरकारी संस्था होने के बावजूद निगम ने उपभोक्ता को लंबे समय तक परेशान रखा। आयोग के अनुसार शिकायतकर्ता को मानसिक परेशानी, आर्थिक नुकसान और अनावश्यक मुकदमेबाजी झेलनी पड़ी, जिसे उचित कार्रवाई से टाला जा सकता था। 45 दिन में लौटानी होगी राशि, नहीं तो लगेगा अतिरिक्त ब्याज आयोग के अध्यक्ष राजबीर सिंह तथा सदस्यों जसविंदर सिंह और सुमन राणा की पीठ ने फैसले में UHBVN को शिकायतकर्ता की 30 हजार रुपये की राशि 11 दिसंबर 2024 से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए। साथ ही मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 11 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया। आयोग ने आदेश का पालन 45 दिनों के भीतर करने को कहा है। निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
Source link