जींद जिले के जुलाना में मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा संस्था के लिए भेजे गए 31 लाख रुपए को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 31 लाख रुपए की अनुदान राशि का चैक केवल एक संस्था के नाम जारी हुआ है। इससे दो प्रमुख सामाजिक संस्थाएं अग्रसैन धर्मशाला और गौशाला कमेटी आमने-सामने आ गई हैं। मामला अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जाने क्या है पूरा मामला 19 जुलाई 2025 को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के जन्मदिवस समारोह में पहुंचे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मंच से अग्रसैन धर्मशाला और गौशाला दोनों को संयुक्त रूप से 31 लाख रुपए देने की घोषणा की थी। उम्मीद थी कि यह राशि दोनों में बंटेगी, लेकिन जब बैंक चेक आया, तो वह पूरी तरह से केवल अग्रसैन धर्मशाला ट्रस्ट के नाम निकला। अग्रसैन धर्मशाला ट्रस्ट को मिला चेक ट्रस्ट के प्रधान कैलाश सिंगला का कहना है कि उन्हें 31 लाख रुपए का चैक मिल चुका है। साथ ही आए आधिकारिक पत्र में स्पष्ट लिखा है कि इस राशि का उपयोग धर्मशाला में बड़ा हॉल बनाने और सोलर पैनल लगाने के लिए किया जाना है। उन्होंने कहा कि यदि गौशाला कमेटी लिखित में यह साबित कर दे कि इसमें उनका हिस्सा है, तो उन्हें सहयोग करने में कोई आपत्ति नहीं है। गौशाला कमेटी ने दिया से तर्क गौशाला कमेटी के प्रधान अनूप ठेकेदार ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से दोनों संस्थाओं का नाम लिया था, लेकिन व्यवहार में गौशाला को वंचित रख दिया गया। हम बेसहारा पशुओं की सेवा कर रहे हैं और हमें हमारा हक (15.50 लाख रुपए) मिलना चाहिए।” प्रशासन ने पल्ला झाड़ा इस गफलत पर जब नगरपालिका सचिव सौरभ जैन से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि चैक एसडीएम कार्यालय के माध्यम से नगरपालिका तक पहुंचा था। उन्होंने कहा कि यह गलती कहां हुई—पॉलिटिकल लेवल पर या क्लेरिकल लेवल पर—इसकी जानकारी केवल एसडीएम कार्यालय ही दे सकता है। मुख्य विवादित बिंदु:
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जुलाना में मुख्यमंत्री के 31 लाख के अनुदान पर टकराव: अग्रसेन ट्रेस्ट को मिला चेक; गौशाला कमेटी बोली-दोनों संस्थाओं के लिए थी घोषणा – Julana News
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