चास-चंदनकियारी के किसानों के पशु खरीद-बिक्री केंद्र था चंदाहा – Bokaro News



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मैं चंदाहा पंचायत हूं। बोकारो जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर में स्थित हूं। मेरी खासियत यह है कि मेरे पंचायत से ही 1970 के दशक में चास प्रखंड को प्रमुख ​िमला था, जिनका नाम शांतिराम तिवारी था। वहीं मेरी पहचान इससे भी है कि मेरी कोख में जन्में लोग किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए पशुओं की ​खरीद-बिक्री करते थे। चास प्रखंड सहित आसपास के किसानों को इससे काफी राहत मिलती थी। उस वक्त आसपास के किसान मेरे यहां आकर ही पशुओं (बैल और भैंसा) की खरीदारी करते थे। ताकि वे खेती कर सके। पशुओं की खरीद बिक्री सामान के बदले सामान के रूप में होती थी। वृद्ध और खेती के काम में नहीं आने वाले पशुओं को व्यापारी किसानों से लेते थे और नए पशु देते थे। इसके एवज में चंद पैसे के ही लेन देन होती थी। इससे मामले में आसपास के क्षेत्रों में मेरी खास पहचान थी। इससे भी मेरी पहचान और बढ़ जाती है कि कुड़माली लिपि के आविष्कारक डॉ.मुरलीधर महतो मेरी धरती में ही पले-बढ़े हैं।

मेरी एक और पहचान है कि भीषण गर्मी में भी मेरी कोख में स्थित राय बांध कभी सुखता नहीं है। पहले आसपास के दूसरे गांव के लोग यहां के पानी का उपयोग करते थे। मेरी कोख में जन्में युवा सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं। एक युवक तो डीएसपी बना है। जो मेरे नाम को रौशन कर रहा है। वहीं सबसे बड़ी बात मेरे बगल में इलेक्ट्रो स्टील वेदांता कंपनी का निर्माण हुआ है। इसके निर्माण में मेरे पंचायत के लोगों का काफी योगदान रहा। अभी आसपास के युवा इससे कार्यरत हैं। इतना ही नहीं मेरे यहां के लोग विदेशों में भी कार्यरत हैं। बेहतर कमाई के लिए यहां के युवा दूसरे राज्य में भी कार्यरत हैं। मेरी धरती पर सभी जाति-धर्म के लोग रहते हैं। सर्वधर्म और शांति का प्रतिक मेरे यहां के लोग मिल जुलकर सारे पर्व त्योहार को मनाते हैं।

पंचायत चंदाहा

जनसंख्या 9681

चंदाहा पंचायत का दृश्य।

यहां का गणेश पूजा और चड़क पूजा है चर्चित

यहां मोदक टोला में गणेश पूजा होती है। यह पूजा बहुत पुरानी है। लोग श्रद्धापूर्वक यहां आते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। जबकि यहां का चड़क पूजा भी अपने आप में चर्चित है। प्रत्येक साल वैशाख महीने के पांचवीं तारीख को यहां चड़क पूजा होती है। सबसे बड़ी बात है कि चड़क पूजा में मुक्ता टोपी का प्रचलन है। जिसके नाच को देखने के लिए आसपास के लोग आते हैं। वहीं यहां आलकाप का भी प्रचलन है। यहां के प्राथमिक विद्यालय चंदाहा (उर्दू) को उत्क्रमित मध्य विद्यालय बनाया गया है।

चंदाहा पंचायत के पूरब चंदनकियारी के सियालजोरी पंचायत, उत्तर में बाटबिनोंर, पश्चिम में बिजुलिया पंचायत और दक्षिण में मधुनियां पंचायत है।

कनेक्टिविटी

सभी तरह के वाहनों से आना-जाना होता है।

जिला मुख्यालय

से दूरी 20 किमी

पहचान प्लांट और तालाब

साक्षरता दर 83.42 प्रतिशत



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